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अफगानिस्तान : फिर शुरू राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती विरोध के बावजूद

काबुल। अफगानिस्तान के स्वतंत्र चुनाव आयोग (आईईसी) ने 28 सितंबर हुए राष्ट्रपति चुनावों में डाले गए वोटों की गिनती करनी फिर से शुरू कर दी है। प्रमुख चुनाव प्रचार टीमों के विरोध के बावजूद वोटों की गिनती शुरू की गई है, जिन्होंने धोखाधड़ी वाले वोटों को छांटने की मांग की है। सोमवार को यह जानकारी दी
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अफगानिस्तान : फिर शुरू राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती विरोध के बावजूद

काबुल। अफगानिस्तान के स्वतंत्र चुनाव आयोग (आईईसी) ने 28 सितंबर हुए राष्ट्रपति चुनावों में डाले गए वोटों की गिनती करनी फिर से शुरू कर दी है। प्रमुख चुनाव प्रचार टीमों के विरोध के बावजूद वोटों की गिनती शुरू की गई है, जिन्होंने धोखाधड़ी वाले वोटों को छांटने की मांग की है। सोमवार को यह जानकारी दी गई। टोलो न्यूज ने आईईसी सचिवालय के प्रमुख हबीब-उर-रहमान नांग के हवाले से बताया कि कुल 26,000 में से 8,494 मतदान केंद्रों के मतों की गणना फिर की जाएगी।

धोखाधड़ी और तकनीकी समस्या संबंधी मुद्दों की रिपोर्ट के साथ पिछले कुछ हफ्तों में आयोग पर दबाव बढ़ गया है। 15 उम्मीदवारों के साथ, पिछले कुछ हफ्तों के दौरान, राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला सहित प्रमुख उम्मीदवारों की टीम द्वारा आरोपों और बाधाओं के कारण मतगणना बाधित हुई है।

इस बीच, अब्दुल्ला ने रविवार को काबुल में अपने समर्थकों की एक सभा को संबोधित करते हुए वोटिंग की प्रक्रिया पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया। अब्दुल्ला ने कहा, पिछले 45 दिनों में 2400 बैलेट बॉक्स उन लोगों के नियंत्रण में थे, जिन्होंने चुपके से धोखाधड़ी की साजिश रची है और बॉक्स में कुछ भी मिल सकता है।

न्यूज के अनुसार, चुनावी कानून के अनुच्छेद 19 के अनुसार, मतभेद की स्थिति में केवल बायोमेट्रिक पंजीकृत वोटों की ही फिर से गणना की जानी चाहिए। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फरमर्ज तमन्ना ने कहा, नॉन-बायोमेट्रिक वोट, साथ ही चुनाव तिथि पर उपयोग किए गए वोटों की फिर से गिनती होगी। इन वोटों को किसी भी परिस्थिति में नहीं गिना जाना चाहिए।

अब्दुल्ला के अलावा, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की परिषद – जिसमें राष्ट्रपति पद के 18 में से 10 उम्मीदवार शामिल हैं- ने भी रविवार को फिर से वोटों की गिनती कराने की प्रक्रिया का बहिष्कार किया। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और परिषद के सदस्य शहाब हकीमी ने कहा, हमारा रुख पहले की तरह ही है। हम चुनावों का बहिष्कार करना चाहते थे, इसलिए हम नतीजों का भी बहिष्कार करते हैं। राष्ट्रपति चुनाव 28 सितंबर को हुए थे। आईईसी के अनुसार, प्रारंभिक परिणाम गुरुवार को घोषित किए जाएंगे।