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आइएसएस : 1 अमेरिकी और 2 रूसी अंतरिक्ष यात्री आइएसएस पर पहुंचे

मास्को, एपी। एक अमेरिकी और दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर रूसी सोयूज अंतरिक्ष यान सफलता पूर्वक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुंच गया है। सोयूज अंतरिक्ष यान कजाखिस्तान के बैकानूर कॉस्मोड्रोम से बुधवार सुबह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आइएसएस) के लिए उड़ान भरी। तीन घंटे के अंदर ही यह कक्षा में पहुंच गया। इससे जुड़ी लाइव फुटेज
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आइएसएस : 1 अमेरिकी और 2 रूसी अंतरिक्ष यात्री आइएसएस पर पहुंचे

मास्को, एपी। एक अमेरिकी और दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर रूसी सोयूज अंतरिक्ष यान सफलता पूर्वक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुंच गया है। सोयूज अंतरिक्ष यान कजाखिस्तान के बैकानूर कॉस्मोड्रोम से बुधवार सुबह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आइएसएस) के लिए उड़ान भरी। तीन घंटे के अंदर ही यह कक्षा में पहुंच गया। इससे जुड़ी लाइव फुटेज रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने प्रसारित की। बता दें कि रूस की राजधानी मॉस्को से 2100 किमी दूर कजाखिस्तान के रेगिस्तान में बैकानूर कॉस्मोड्रोम स्थित है। यह दुनिया का सबसे पुराना और सबसे महत्वपूर्ण स्पेस लांचिंग स्टेशन है। सोवियत संघ के दौर में 1950 में इसे बनाने का मूल उद्देश्य अंतरिक्ष संबंधी गतिविधियों का संचालन करना था।

आइएसएस : 1 अमेरिकी और 2 रूसी अंतरिक्ष यात्री आइएसएस पर पहुंचे
सोयूज अंतरिक्ष यान कजाखिस्तान के बैकानूर कॉस्मोड्रोम से बुधवार सुबह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आइएसएस) के लिए उड़ान भरी। तीन घंटे के अंदर ही यह कक्षा में पहुंच गया। इससे जुड़ी लाइव फुटेज रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने प्रसारित की।

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आइएसएस) जाने वाले चालक दल के अमेरिकी सदस्य केट रूबिंस नासा में माइक्रोबॉयालॉजिस्ट हैं। केट रूबिंस वर्ष 2016 में अंतरिक्ष में डीएनए का सिक्वेंस करने वाले पहले व्यक्ति थे। अन्य दो रूसी अंतरिक्ष यात्री सर्गेई रेजिकोव और सर्गेई कुद-सेवरचकोव हैं। यह मिशन अमेरिकी क्रू मेंबर के लिए अंतिम रूसी उड़ान थी। दरअसल, वर्ष 2011 में शटल प्रोग्राम के खत्म होने के बाद नासा रूस के माध्यम से अपने अंतरिक्ष यात्रियों को आइएसएस भेजता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने वर्ष 2014 में एलन मस्क की कंपनी ‘स्पेस एक्स’ और बोइंग कंपनी के साथ स्पेस कैप्सूल बनाने के लिए अनुबंध किया था।