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झारखंड : 195 लोगों को अब तक मिला पद्म पुरस्‍कार, लोगों की मांग- धौनी को मिले भारत रत्‍न

रांची, झारखंड एक प्रतिभा संपन्न राज्य है। यहां जन्मे लोगों ने नृत्य-लोक कला, फिल्म, सेना, राजनीति, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में राज्य का नाम रौशन किया है। मगर इसके बाद भी आज तक राज्य में किसी भी व्यक्ति को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया है। इस बात की कसक प्रबुद्ध वर्ग के द्वारा
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झारखंड : 195 लोगों को अब तक मिला पद्म पुरस्‍कार, लोगों की मांग- धौनी को मिले भारत रत्‍न

रांची, झारखंड एक प्रतिभा संपन्न राज्य है। यहां जन्मे लोगों ने नृत्य-लोक कला, फिल्म, सेना, राजनीति, खेल सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में राज्य का नाम रौशन किया है। मगर इसके बाद भी आज तक राज्य में किसी भी व्यक्ति को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया है। इस बात की कसक प्रबुद्ध वर्ग के द्वारा अक्सर सार्वजनिक मंच पर व्यक्त की जाती है। हालांकि कई लोगों को पद्म भूषण, पद्म विभूषण और पद्म श्री अवार्ड मिला है। बता दें कि भारत रत्‍न व पद्म पुरस्‍कारों की शुरुआत भारत में 2 जनवरी 1954 में हुई थी। भारत में सबसे पहला भारत रत्‍न पुरुस्‍कार प्रसिद्ध वैज्ञानिक चंद्र शेखर वेंकटरमन को दिया गया था।

झारखंड : 195 लोगों को अब तक मिला पद्म पुरस्‍कार, लोगों की मांग- धौनी को मिले भारत रत्‍न
आज तक झारखंड में किसी भी व्यक्ति को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया है। इसकी कसक प्रबुद्ध वर्ग के द्वारा अक्सर सार्वजनिक मंच पर व्यक्त की जाती है। भारत रत्‍न व पद्म पुरस्‍कारों की शुरुआत 2 जनवरी 1954 में हुई थी।
केवल तीन लोगों को ही मिला है पद्म भूषण-विभूषण

झारखंड में अभी तक केवल तीन लोगों को ही पद्म भूषण-विभूषण के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। सबसे पहला पुरस्कार वर्ष 2010 में गांधी विचारधारा के समाजसेवी शैलेश कुमार बंदोपाध्याय को मिला। उसके आठ वर्ष के बाद साल 2018 में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को पद्म भूषण पुरस्कार दिया गया। फिर वर्ष 2019 में राजनेता और 15वीं लोकसभा के उपसभापति कड़‍िया मुंडा को देश के इस तीसरे सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

फैंस की मांग, धौनी को मिले भारत रत्न

पिछले वर्ष भी झारखंड से केवल सरायकेला निवासी प्रसिद्ध छऊ नृत्य कलाकार गुरु शशाधर आचार्य और नागपुरी गीतों के रचयिता व गायक मधु मंसूरी हंसमुख को कला के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हालांकि राज्य के लोगों को सरकार के द्वारा इन्हें भारत रत्न दिए जाने की उम्मीद थी। वहीं दूसरी तरफ प्रिंस ऑफ रांची के नाम से प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को उनके फैन भारत रत्न देने की मांग कर रहे है। हालांकि धौनी को पहले से ही पद्मश्री और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

705 लोगों को मिला है पद्मश्री

झारखंड में 705 लोगों को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में 5, लेखन में 6, व्यापार में 5, एक्टिंग (पुरुष) 16, एक्टिंग (महिला) 19, नृत्य निर्देशन में 2, फिल्म निर्देशन में 15, संगीत निर्देशन में 10, स्वतंत्रता सेनी 18, पत्रकारिता के क्षेत्र में 3, न्याय सेवा के क्षेत्र में 3, चिकित्सा सेवा के लिए 2, गैलेंट्री अवार्ड 3, कविता के क्षेत्र में 6, राजनीति में 37, खेल में 37, धर्म के क्षेत्र में 4, 16 पूर्व शासकों को, और अन्य क्षेत्र से जुड़े तीन लोगों को सम्मानित किया गया है।

इन्हे मिला है पद्मश्री

नाम                                क्षेत्र

अशोक भगत                    समाजसेवा

बलबीर दत्त                      पत्रकारिता

बुल्लू इमाम                      समाजसेवा

दीपिका कुमारी                 खेल (तीरंदाजी)

दिगंबर हंसदा                   शिक्षाविद और समाजसेवी

पं. गोपाल प्रसाद दुबे           छऊ नृत्य

जमुना टुडू                      पर्यावरण संरक्षण

केदारनाथ साहू                  लोकनृत्य

मधु मंसूरी हंसमुख            लोकगीत

महेद्र सिंह धौनी                 खेल (क्रिकेट)

मकरध्वज दरोगा               छऊ नृत्य

मुकुंद नायक                     लोकगीत

प्रेमलता अग्रवाल                पर्वतारोहण

राम दयाल मुंडा                 शिक्षाविद और लोक कला एवं संगीत

श्यामा चरण पाती               छऊ नृत्य

सिमोन उरांव                     पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा

वसुंधरा कोमकली              लोकसंगीत