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पाकिस्तान : प्रत्येक वर्ष 1,000 अल्पसंख्यक लड़कियों को जबरन कबूल करवाया जाता है इस्लाम धर्म

कराची, एपी। प्रत्यके वर्ष पाकिस्तान में 10,000 अल्पसंख्यक लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू, ईसाई और सिख समुदायों की कम उम्र की लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म परिवर्तन के लिए अगवा किया जाता है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक, कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान इन मामलों की संख्या में इजाफा हुआ
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पाकिस्तान : प्रत्येक वर्ष 1,000 अल्पसंख्यक लड़कियों को जबरन कबूल करवाया जाता है इस्लाम धर्म

कराची, एपी। प्रत्यके वर्ष पाकिस्तान में 10,000 अल्पसंख्यक लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू, ईसाई और सिख समुदायों की कम उम्र की लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म परिवर्तन के लिए अगवा किया जाता है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक, कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान इन मामलों की संख्या में इजाफा हुआ है। क्योंकि इस दौरान लड़कियां स्कूल नहीं जा रही हैं और उनका परिवार कर्जे के बोझ के तले दबे हुए हैं। ऐसे में लड़कियों के तस्कर इन दिनों अधिक सक्रिय हो गए हैं और इंटरनेट पर लड़कियों को खोज करते रहते हैं।

पाकिस्तान : प्रत्येक वर्ष 1,000 अल्पसंख्यक लड़कियों को जबरन कबूल करवाया जाता है इस्लाम धर्म
एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रत्येक वर्ष पाकिस्तान में 1000 अल्पसंख्यक लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म कबुल करवाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हिंदू ईसाई और सिख समुदायों की कम उम्र की लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म परिवर्तन के लिए अगवा किया गया था।

दक्षिणी सिंध प्रांत की हिंदू लड़कियों को इस्लाम कुबूल कराकर शादी कराने की खबर आम थीं, लेकिन हाल ही में नेहा सहित दो ईसाई लड़कियों का मतांतरण कराकर शादी कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पाकिस्तान की 22 करोड़ की आबादी में मात्र 3.6 फीसद ही अल्पसंख्यक समुदाय के लोग है। ये अक्सर भेदभाव का शिकार होते हैं। जो लोग जबरन धर्मातरण की खबरें सार्वजनिक करते हैं उन्हें ईशनिंदा के आरोपों के तहत निशाना बनाया जा सकता है।

कुछ दिनों पहले दक्षिणी सिंध प्रांत में रहने वाली 13 वर्षीय सोनिया कुमारी का अपहरण कर लिया गया था। एक दिन बाद पुलिस ने उसके माता-पिता को बताया कि उसने इस्लाम कुबूल कर लिया है। बाद में परिवार को एक पत्र मिला, जिसमें उसके स्वेच्छा से इस्लाम कुबूल करने और 36 वर्षीय एक व्यक्ति से विवाह करने की बात कही गई। सिंध की रहने वाली 13 वर्षीय आरजू राजा की भी यही कहानी है। उसका पहले अपहरण किया गया और बाद में 40 वर्षीय व्यक्ति से उसकी शादी करा दी गई