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यूट्यूबर पीआर एजेंसियां फेसबुक पर लिखने वाले और कंप्यूटर ऑपरेटरों पर हो कार्यवाही

पश्चिम विहार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पर पीआर एजेंसियां, यूट्यूबर और सोशल मीडिया के लोगों से सेटिंग कर कई अखबार डिजाइनर ऑपरेटर अखबारों में छपते हैं खबरें चाहे खबरें झूठी हो फेक हो इसकी भी नहीं लेते संज्ञान और चंद पैसों के लालच में संपादकों की सहमति के बगैर धड़ल्ले
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यूट्यूबर पीआर एजेंसियां फेसबुक पर लिखने वाले और कंप्यूटर ऑपरेटरों पर हो कार्यवाही

पश्चिम विहार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पर पीआर एजेंसियां, यूट्यूबर और सोशल मीडिया के लोगों से सेटिंग कर कई अखबार डिजाइनर ऑपरेटर अखबारों में छपते हैं खबरें चाहे खबरें झूठी हो फेक हो यूट्यूबर पीआर एजेंसियां फेसबुक पर लिखने वाले और कंप्यूटर ऑपरेटरों पर हो कार्यवाहीइसकी भी नहीं लेते संज्ञान और चंद पैसों के लालच में संपादकों की सहमति के बगैर धड़ल्ले से उनके पेपर में छप रही है ख़बरें ।
इन धड़ल्ले से खबरें प्रकाशित पेज पर प्रकाशित करने वाले डिजाइन रो से जब पूछा जाता है तो वह किसी भी एजेंसी आप रिया रिया यूट्यूब पर है फेसबुक सोशल मीडिया का नाम ले देते हैं और अगर संपादक इसे छापने से मना करता है तो वह उसका पेपर ही बनाने से मना कर नौकरी छोड़ देते हैं ऑपरेटरों का स्थापक तौर पर कहना है कि इसके एवज में हमें कुछ पैसे दे दिए जाते हैं जिससे हमारा खर्चा निकलता है इसी मंथली के चक्कर में इस तरह की खबरें अखबारों में छप रही हैं इस पर संज्ञान लिया गया तो कई यूट्यूबर भी संपादक से उलझ गए अगर संपादक इंकार करता है तो पेपर बनाने से मना कर देते हैं कंप्यूटर ऑपरेटर ऐसा ही एक मामला दिल्ली के पश्चिम विहार से आया है जब रेप आरोपी आशु भाई जिसके ऊपर रेप का आरोप लगा था 5 लोग जेल में बंद थे जो सशर्त जमानत पर बाहर आए हैं उन्होंने हाल ही में पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि फोन पर झूठा मामला दर्ज किया गया है और एक्सटेंशन ना देने के एवज में झूठे मामले करते हैं पुलिसकर्मी दर्ज इस खबर को राजधानी संदेश में प्रकाशित करवाया गया जिसके बारे में संपादक को जानकारी ही नहीं दी गई संपादक ने अखबार को चेक किया तो पता चला कि खबर फोटो सहित प्रकाशित की गई थी इस बाबत जब डिजाइनर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह खबर किसी यूट्यूब पर नए भेजी बताई गई। की रिकॉर्डिंग राजधानी संदेश के पत्रकार के पास मौजूद है बात भड़ी और बैसा बसी है इसमें कुछ ऐसे पत्रकार भी शामिल है जो फ्रीलांसर लिख रहे हैं और बिहार और ऑपरेटर से सेटिंग कर अपनी खबरें संपादक के बगैर पूछे कुछ पैसे का लालच कंप्यूटर ऑपरेटर को देखकर अपनी खबरें अखबारों में प्रकाशित करवाते हैं जिसमें अधिकतर खबरें फर्जी और सरकार के खिलाफ होती हैं कुछ फर्जी इस तरह की हरकतें कर रहे हैं और उसके एवज में मोटी रकम वसूली जाती है