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क्या मोदी खरे उतरेंगे वडनगर के पड़ोसी गांवों के लोगों की उम्मीदों पर?

क्या मोदी खरे उतरेंगे वडनगर के पड़ोसी गांवों के लोगों की उम्मीदों पर?

 

वडनगर/बादरपुर (गुजरात)। नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव वडनगर आए, ऐसे में मुस्लिम बहुल पड़ोसी गांव बादरपुर, मोलीपुर के लोगों को उम्मीद है कि क्षेत्र के विकास को गति देने के बाद वे यहां ‘स्किल इंडिया’ के तहत ‘‘हुनर विकास केंद्र’’ स्थापित करने को मंजूरी देंगे। वडनगर की आबादी 27 हजार है और इसके बगल में ही बादरपुर और मोलीपुर गांव है।

बादरपुर, गुंजा और मोलीपुर में मुस्लिम आबादी करीब 70 प्रतिशत है। यह पूरा इलाका आज काफी विकसित दिखता है और स्थानीय लोगों का कहना है कि आज की तारीख में बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई समस्या नहीं है। मोलीपुर गांव के निवासी आदम आर कोशिर ने कहा कि उनके पास करीब चार बीघा जमीन है और वे खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि वे पशुपालन करते हैं और दूध भी बेचते है। गांव के लोगों ने मिलकर दुग्ध सहकारी संस्थान स्थापित किया है जिससे दूध के जरिये अच्छी खासी आय हो जाती है। लेकिन अब हमारे बच्चे कुछ और काम भी करना चाहते है। कुछ दूसरा हुनर सीखना चाहते हैं लेकिन हमारे इलाके में ऐसा कोई केंद्र नहीं है जहां बच्चे हुनरमंद बन सकें। इसी गांव के उमर भाई वजीर भाई ओकला ने बताया कि उनके पास भी कुछ जमीन है और वे भी खेती करते हैं।

उन्होंने कहा कि अब हमारी इच्छा है कि हमारे बच्चे कुछ अन्य कारोबार में हाथ आजमायें। ऐसे में हुनर विकास केंद्र स्थापित हो जाये, तब हमारी काफी मदद हो जायेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या इलाके में विकास हुआ है, मुजीब नसीर पिरमदवाला ने बताया कि इसमें कोई दो मत नहीं है कि विकास नहीं हुआ है। निश्चित तौर पर विकास हुआ है। और विकास के कारण ही इस क्षेत्र से भाजपा का उम्मीदवार जीता है। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद आज पहली बार गुजरात में अपने गांव वडनगर आएं जहां उन्होंने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का लोकार्पण करने के साथ रोड शो किया और हरकेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की। मोलीपुर गांव के 14 वर्षीय बालक सहल अनवर साउदी ने कहा कि उन्होंने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी है।

अब वह एक दर्जी की दुकान पर सिलाई सीख रहे हैं। यह पूछने पर कि पढ़ाई क्यों छोड़ दी, साउदी ने कहा कि स्कूल की पढ़ाई छोड़ी है, सिलाई का हुनर तो सीख ही रहा हूं। लेकिन कई बार दुकान पर काम ज्यादा होने पर मास्टरजी समय नहीं दे पाते हैं। ऐसे में अगर सरकार कोई ऐसा सिलाई, बेल्डिंग और कुछ दूसरे हुनर सिखाने का केंद्र खोल दे, तब बच्चों को काफी मदद मिल जायेगी। बादरपुर के 14 वर्षीय छात्र आदिल रफीक मसीह नौंवी कक्षा में पढ़ते हैं और बड़े होकर शिक्षक बनना चाहते हैं। बादरपुर स्थित हाई स्कूल के छात्र उजेफा फारूक अली अभी आठवीं कक्षा में पढ़ते हैं और बड़े होकर डाक्टर बनना चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बड़े भाई सोमाभाई दामोदर दास मोदी ने बताया कि बादरपुर गांव को पिछले कुछ वर्षो में दो बार निर्मल ग्राम का पुरस्कार मिल चुका है।

ये ऐसे गांव हैं जहां स्वच्छता व्यवहार में शामिल है। किसी भी दुकान पर तंबाकू, गुटका नहीं बेचा जाता है। बादरपुर गांव के सरपंच गुलाम भाई ने बताया कि हमारे पंचायत में दो बार बिना वोटिंग के आम सहमति से प्रधान चुने जा चुके हैं… यह हमारे सामाजिक सौहार्द को प्रकट करता है। मोलीपुर और गुंजा गांव के लोगों ने बताया कि उनके गांव में बहुतायत आबादी मुसलमानों की है। हिन्दुओं में 50 घर प्रजापति समुदास से हैं और कुछ घर ठाकुरों के हैं।

मुसलमानों में शिया और सुन्नी दोनों समुदाय के लोग रहते है। सभी मेल मिलाप से रहते हैं। दरअसल, गुजरात में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सात और आठ अक्तूबर को गुजरात यात्रा सरकार की कई योजनाओं का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया और कुछ परियोजनाओं का लोकपर्ण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने पांच जगहों पर लोगों से संवाद भी किया।

गौरतलब है कि बचपन में नरेंद्र मोदी जब वडनगर में रहते थे तो वडनगर रेलवे स्टेशन पर अपने पिता और चाचा की मदद करने के लिए ट्रेन में चाय पहुंचाया करते थे। वडनगर रेलवे स्टेशन की जिस कैंटीन में नरेंद्र मोदी के पिता चाय बनाते थे वहां तस्वीरों की प्रदर्शनी का भी कार्यक्रम है।

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