fbpx
Advertisements
jansandesh online,Hindi News, Latest Hindi news,online hindi news portal

चीन का गुलाम बना पाक, अब बोलेगा चीनी भाषा

भारत के 2 दुश्मन देश पाकिस्तान और चीन के ​बीच संबंध काफी मजबूत होते जा रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजना के बाद पाकिस्तान ने चाइनीज भाषा ‘मंदारिन’ को आधिकारिक भाषा बनाने का प्रस्ताव पारित किया है। जिसे लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैंं।

चंद्रबाबू नायडू की मोदी सरकार को धमकी, अविश्वास प्रस्ताव है आखिरी रास्ता

चीन के साथ ​रिश्ते गहरे करना चाहता है पाक 
प्रस्ताव में कहा गया कि अगर मंदारिन को दक्षिण एशियाई देश का अधिकारिक भाषा बनाया जाता है तो इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच संबंध और गहरे होंगे और चीन पाकिस्तान आर्थिक कोरिडोर से जुड़े लोगों को संवाद करने में आसानी होगी। अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक्कानी ने ट्वीट किया कि 70 सालों की एक छोटी अवधि में पाकिस्तान ने चार भाषाओं को प्रोमोट किया है, जो कि पाकिस्तान की मातृभाषा नहीं थी। अंग्रेजी, उर्दू, अरबी के बाद अब चाइनीज भी इसमें शामिल हो गई है।

PNB घोटालाः केंद्रीय एजेंसियों ने नीरव मोदी के खिलाफ जांच तेज की

सीपीईसी परियोजना को लेकर उठाया यह कदम
बता दें कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सबसे अधिक बोली जाने वाली पंजाबी और पश्तो भाषा को अभी तक पाकिस्तान की आधिकारिक भाषा घोषित नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार चीन और पाकिस्तान के बीच 60 अरब डॉलर की लागत से बनने वाली सीपीईसी परियोजना के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। पाकिस्तानी अब चाइनीज भाषा सीखने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। वे जानते हैं कि मंदारिन सीखने का मतलब चीन और पाकिस्तान के अंदर ज्यादा रोजगार की संभावनाएं हैं।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।