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बाबा राम देव की मुश्किलें बढ़ सकती, प्रियंका की किताब में कुछ रहस्यों के खुलासे से देखें वीडियो

नई दिल्ली. योग गुरु बाबा राम देव पर एक महिला पत्रकार की किताब लिखी किताब इन दिनों चर्चा में है. रिसर्च के बाद  लिखी गई इस पुस्तक में कुछ ऐसे रहस्यों का जिक्र से बाबा  की मुश्किलें बढ़ सकती है.

 

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अंग्रेजी महिला पत्रकार प्रियंका पाठक है, जो कई सालों से बाबा रामदेव पर रिसर्च कर रही है, इस रिसर्च के दौरान महिला ने बाबा पर गंभीर आरोप तो लगाएं ही साथ ही किसी साजिश की तरफ भी इशारा किया है. newstrend.news के अनुसार अगर किताब में लिखी बातों को सच माना जाए तो यही सामने आता है कि बाबा रामदेव भी राम रहीम या फिर आसाराम से कम नहीं है. यहां अभी कुछ कह पाना गलत होगा, लेकिन यहां आपको उस बुक के कुछ राज को बताने जा रहे हैं.

हैं. बता दें कि इस किताब में बाबा की लाइफ से जुड़े हर जानकारी को बड़े ही सहज ढंग से पेश किया गया है. साथ ही बाबा कैसे फर्श से शीर्ष पर पहुंचे इस बात का भी खुलासा हुआ है. महिला पत्रकार के मुताबिक, बाबा रामदेव के गुरू शंकर देव एक दिन सुबह टहलने के लिए गये, लेकिन वहां से उनका अता-पता नहीं चला, ऐसे में या तो वो गायब हो गये या उन्हेंं गायब किया गया. बता दें कि शंकर देव वहीं है, जिन्होंन हरिद्वार में अरबों रूपये की जमीन रामदेव को दान किया था.

इस रहस्य का जिक्र करती हुई प्रियंका आगे लिखती  है कि जिससे रामदेव ने जो कुछ भी सीखा, वो कुछ समय के बाद रहस्मयी मौत का शिकार हो गया?पत्रकार ने आगे सवाल उठाया कि जब शंकर गुरू गायब हुए तो रामदेव ब्रिटेन में थे, खबर सुनने के बाद भी वहां दो महीनों तक क्यों रहे? ये किसी साजिश की तरफ घोर इशारा कर रहा है.

बाबा के एक और गुरू की रहस्मयी हुई थी मौत

अपनी पुस्तक में आगे लिखते हुए प्रियंका ने कहा कि 1995 में जिस बाबा ने रामदेव को आयुर्वेद दवाईयों का लाइसेंस दिलवाया था, उनकी भी मौत 2003 में हो गई. ये कोई इत्तेफाक था या साजिश यह कह पाना मुश्किल है, लेकिन स्वामी योगानंद की मौत के बाद तुरंत ही उन्हें बाबा रा्मदेव के आश्रम में ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था, अगर उनके पार्थिव शरीर को आनन फानन में आश्रम नहीं ले जाया जाता तो पोस्टमार्टम होता है, जिससे रहस्य सामने आता है.प्रियंंका के मुताबिक, कुछ समय बाद ही उनकी हत्या का केस भी बंद करा दिया गया, जोकि किसी न किसी तरफ इशारा जरूर कर रहा है.

राजीव दीक्षित की मौत पर भी उठाए सवाल

प्रियंका ने आगे जिक्र करते हुए कहा कि बाबा के करीबियोंं में से एक रहे राजीव दीक्षित की मौत भी रहस्य बना है. बता दें कि राजीव वहीं है, जिनके स्वदेशी अभियान पर पतंजलि का सारा कारोबार चल रहा है. दरअसल, दीक्षित की मौत के संबोधन के दौरान बाथरूम में हुई थी, लेकिन उनकी लाश को भी पोस्टमार्टम नहीं करने दिया गया और तुरंत ही उसे आनन फानन में जला दिया गया था.

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