fbpx
Advertisements
jansandesh online,Hindi News, Latest Hindi news,online hindi news portal

पूर्वोत्तर का जनादेश, बड़ा बदलाव है : प्रधानमंत्री मोदी

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को कर्नाटक के तुमकुरु में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से युवाओं को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यूथ पावर: ए विजन फॉर न्यू इंडिया पर प्रकाश डाला. याद दिला दें कि आज रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम की रजत जयंती है. आज ही के दिन शिकागो में विवेकानंद ने भाषण भी दिया था. विवेकानंद के भाषण की आज 125वीं वर्षगांठ है. साथ ही सिस्टर निवेदिता की 150वीं जयंती भी है. इन सभी दिवस को नजर में रखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है.

युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर के चुनावों में मिली बड़ी जीत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के परिणाम को मैं जीत-हार की तराजू से नहीं देखता. माकपा नाम लिए बिना पीएम ने कहा कि चुनाव के नतीजे दर्शाते हैं कि कट्टरता का जवाब एकता से ही दिया जा सकता है.

इससे पहले गलत नीति और निर्णयों के चलते उत्तर पूर्व के लोगों में अलगाव की भावना बस गई थी. इसका नतीजा यह था कि लोग विकास ही नहीं, विश्वास और अपनत्व की मुख्यधारा से भी खुद को अलग-थलग समझने लगे थे.

पीएम ने कहा कि एक दिन पहले पूरा देश होली के रंग में रंगा हुआ था. पूर्वोत्तर के नतीजों ने फिर एक बार पूरे देश में उत्सव का वातावरण बना दिया. ये जीत एक पार्टी की जीत नहीं है. महत्वपूर्ण ये है कि पूर्वोत्तर के लोगों की खुशी में पूरा देश शामिल हुआ.

हमने पूर्वोत्तर के भावनात्मक एकता का संकल्प लिया और उसे साबित करके दिखाया है. हमें एक संकल्प तय करके उस पर अपना जीवन न्योछावर कर देना चाहिए.

युवा पीढ़ी से सीखने को मिलता है

युवा शक्ति : भारत के लिए एक नयी दृष्टि विषय पर इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, युवा पीढ़ी से किसी भी प्रकार का संवाद हो, उनसे हमेशा कुछ न कुछ सीखने को मिलता है. इसलिए मैं यथासंभव प्रयास करता हूं कि युवाओं से ज्यादा से ज्यादा मिलूं, उनसे बात करूं, उनके अनुभव सुनूं. उनकी आशाएं, उनकी आकांक्षाएं जानकर, उनके मुताबिक कार्य कर सकूं, इसका मैं निरंतर प्रयत्न करता हूं .

उन्होंने कहा कि तुमकूर का ये स्टेडियम इस समय हजारों विवेकानंद, हजारों भगिनी निवेदिता की ऊर्जा से दमक रहा है. हर तरफ केसरिया रंग इस ऊर्जा को और बढ़ा रहा है

उन्होंने कहा कि आज के तीनों आयोजनों के केंद्र बिंदु स्वामी विवेकानंद हैं. कर्नाटक पर तो स्वामी विवेकानंद जी का विशेष स्नेह रहा है. अमेरिका जाने से पहले, कन्याकुमारी जाने से पहले वो कर्नाटक में कुछ दिन रुके थे. यहां तीर्थों की बात हो रही है, तो प्रौद्योगिकी की भी चर्चा है. यहां, ईश्वर की भी बात हो रही है और नए अभिनव प्रयासों की भी चर्चा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक में आध्यात्मिक महोत्सव और युवा महोत्सव का एक नया मॉडल विकसित हो रहा है. मुझे आशा है कि यह आयोजन देशभर में दूसरों को प्रेरणा देगा. भविष्य की तैयारियों के लिए हमारी ऐतिहासिक परंपराओं और वर्तमान युवा शक्ति का ये समागम अद्भुत है.

उन्होंने कहा कि अगर हम अपने देश के स्वतंत्रता आंदोलन पर ध्यान दें, उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के उस कालखंड पर गौर करें, तो पाएंगे कि उस समय भी अलग-अलग स्तर पर एक संयुक्त संकल्प देखने को मिला था.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संयुक्त संकल्प था देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त करने का. तब संत समाज – भक्त समाज, आस्तिक – नास्तिक, गुरु- शिष्य, श्रमिक वर्ग – पेशेवर वर्ग, जैसे समाज के विभिन्न अंग इस संकल्प से जुड़ गए थे. उस समय हमारा संत ये स्पष्ट देख रहा था कि अलग-अलग जातियों में बंटा हुआ समाज, अलग-अलग वर्ग में विभाजित समाज अंग्रेजों का मुकाबला नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा, इसी कमजोरी को दूर करने के लिए उस दौरान देश में अलग-अलग हिस्सों में सामाजिक आंदोलन चले. इन आंदोलनों के माध्यम से देश को एकजुट किया गया, देश को उसकी आंतरिक बुराइयों से मुक्त करने का प्रयास किया गया.

उन्होंने कहा कि इन आंदोलनों की कमान संभालने वालों ने देश के सामान्य जन को बराबरी का मान दिया, सम्मान दिया. उन्होंने देश की आवश्यकता को समझते हुए अपनी आध्यात्मिक यात्रा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा. जनसेवा को उन्होंने प्रभु सेवा का माध्यम बनाया.

Read More : जानिये, रेल मंत्रालय ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा तैयार किया नया प्लान!

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।