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“किसानों की सरकार ने अनदेखी की तो इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा चुनाव में”

कुशीनगर मे किसानों की समस्याओं को लेकर समाजसेवी ने सीएम को भेजा पत्र

पडरौना,कुशीनगर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर उपाध्यक्ष वरिष्ठ समाज सेवी मनोज मोदनवाल ने मुख्यमंत्री को रजिस्टर्ड डाक से एक शिकायती प्रार्थना पत्र भेजा है। जिसमें मांग किया है कि ढाढ़ा  चीनी मिल द्वारा ग्राम कटाई भरपुरवा में लगा कांटा बंद कर दिया है, जबकि उस क्षेत्र में सैकड़ों किसानों के तमाम गन्ना अभी खेतों में  पड़ा हुआ है।जबकि सीडीओ का सख्त निर्देश है कि जिस चीन चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ना होगा वह चीनी मिल का कांटा कदापि न बंद किया जाए, लेकिन प्रबंध तंत्र के मनमानी रवैया की वजह से किसानों को अपना गन्ने की फसल को लेकर तमाम परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है।

बंद पांच चीनी मिलों को चलवाया जाए

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उन्होंने मांग किया है कि  पडरौना चीनी मिल सहित जनपद में बंद पांच चीनी मिलों को चलवाया जाए, क्योंकि किसानों की उपज में भारी पैमाने पर बढ़ोतरी हुई है ।किसानों का हित का ध्यान रखते हुए सरकार ने यह कदम नहीं उठाया तो  अगले वर्ष इस  चालू मिलों  के भरोसे किसानों की गन्ना का पेराई कार्य नहीं हो सकेगा। उन्होंने आगाह कि अगर सरकार किसानों के साथ अनदेखी की  तो इसका परिणाम उसे आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।

भुगतान के लिए मारे मारे फिरना पड़ रहा

इस बावत श्री मोदनवाल ने भेजे शिकायती प्रार्थना पत्र में आगे कहा है कि किसानों को वर्तमान समय में अपने भुगतान के लिए मारे मारे फिरना पड़ रहा है ,जबकि कुशीनगर जनपद गन्ना बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है ,इस इलाके की किसानों की मुख्य फसल गन्ना है  यहां कभी नौ चीनी मिलें हुआ करती थी ।

वर्तमान समय में सेवरही , खड्डा, रामकोला पंजाब, कप्तानगंज, ढाढ़ा पांच चीनी मिल चालू है। जबकि छितौनी रामकोला खेतान, पडरौना,  कठकुईयां,छितौनी,  चीनी मिलें  बंद पड़ी हुई है ,जबकि इस वर्ष पिछले वर्ष के सापेक्ष किसानों के गन्ने की फसल में काफी उपज की बढ़ोतरी हुई है। वही इस वर्ष किसान ज्यादा क्षेत्रफल में गन्ने का बुवाई कार्य किया है। जिससे अगले वर्ष जनपद में गन्ने की उपज में भारी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा है कि सवाल यह उठता है कि जनपद में चार चीनी मिल चल रही है, किसानों को अपना गन्ना गिराने के लिए मारे मारे फिर ना पड़ रहा है।

किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार पहल करे

अगले वर्ष उपज में बढ़ोतरी को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनपद की बंद पड़ी सभी चीनी मिलें चालू नहीं हुई तो किसानों को अपने गन्ने की गाढ़ी कमाई को औने पौने दामों पर फेंकने को मजबूर होना पड़ेगा । उन्होंने मांग की किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार पहल करे जिससे खेतों में गन्ना रहते कोई चीनी, मिल बंद न हो सके लेकिन कप्तानगंज चीनी मिल बंद होने से किसानों को काफी परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है ।

वहीं ढाढ़ा चीनी मिल कल 17 जुलाई को बंद कर देने का ऐलान किया है। जबकि उस क्षेत्र में भारी मात्रा में गन्ने की फसल खेतों में खड़ी है श्री मोदनवाल सरकार को चेतावनी भी दी है कि अगर किसानों का गन्ना खेतों में रहते चीनी मिल बन्द हुई तो उसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

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