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यूपी रोडवेज बसों की एमएसटी में पकड़ा गया बड़ा घोटाला

लखनऊ,। रोडवेज अफसरों की अनदेखी और परिवहन निगम के प्रति सरकार की गैर जिम्मेदारी का नतीजा है कि एमएसटी के लिए काम कर रही कम्पनी ने दो जनपदों में ही बड़ा घोटाला कर डाला। रोडवेज बसों की एमएसटी बनाने में खेल हो रहा है। इस खेल में अब तक डेढ़ करोड़ रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है। अभी तक दो क्षेत्रों में यह गोरखधंधा ट्राईमेक्स कंपनी और अफसरों की सांठगांठ से चलता मिला। पहला मामला फैजाबाद क्षेत्र में 43 लाख 80 हजार रुपए का उजागर हुआ तो दूसरा मामला मेरठ क्षेत्र में एक करोड़ दस लाख रुपए का है। इस दोनों मामलों की जांच कराने के बजाए मुख्यालय पर बैठे अफसर पूरे प्रकरण को दबाने की फिराक में है। जबकि सूत्रों का कहना है कि अगर गहन जाॅच कराई जाए तो रोडवेज में कई घोटाले सामने आएगी।

दैनिक यात्रियों को भुगतान की फर्जी रसीद देना के साथ एमएसटी में कम दूरी दिखाकर पैसों का गबन किया जा रहा था। इस खेल में आईटी कंपनी और रोडवेज के अफसर मिलकर परिवहन निगम को चूना लगा रहे थे। क्षेत्रीय स्तर से इस मामले की जांच साइबर एक्सपर्ट से कराने के लिए एमडी और मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्रशासन) से की गई। इस बीच एमएसटी की रकम में हेराफेरी का दूसरा मामला सामने आया तो निगम मुख्यालय के अफसर हरकत में आए तो इस पूरे प्रकरण पर प्रबंध निदेशक पी गुरु प्रसाद जवाब तलब किया है। मेरठ परिक्षेत्र के अधिकारी के अनुसार आईटी कंपनी के लोग फर्जी रसीद छपवाकर एमएसटी पास धारकों को देते थे।

14 सौ रुपए की एमएसटी बनाने पर निगम के खाते में मात्र चार सौ रुपए जमा करते थे। यहीं नहीं दैनिक यात्रियों की एमएसटी की फीडिंग कम्प्यूटर में करते वक्त कम दूरी दिखाकर बाकी पैसा जेब में भरते थे। दो क्षेत्रों के बाद प्रदेश भर में हेराफेरी के बड़े मामले सामने आने के संकेत मिल रहे है। एमएसटी के खेल में शामिल ट्राईमेक्स कंपनी के खिलाफ फैजाबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने बताया कि दिसंबर 2016 से जनवरी 2018 तक की एमएसटी जांच में 43 लाख 80 हजार रुपए की हेराफेरी की गई है। रोजाना जितनी एमएसटी बनती थी उसमें से 50 फीसदी रकम ही निगम के खाते में जाता था।

इस मामले में एआरएम अविनाश चंद्रा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उप्र राज्य सड़क निगम के निदेशक पी गुरु प्रसाद ने कहा कि ट्राईमेक्स कंपनी की मिली भगत से एमएसटी के पैसों में गबन किया जा रहा था। इस मामले में मेरठ और फैजाबाद में ट्राईमेक्स कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं लापरवाह सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक फैजाबाद और लेखा इकाई के कर्मियों पर कार्रवाई के आदेश जारी किए जाएगे। इस पूरे प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्राईमेक्स कंपनी का 25 फीसदी भुगतान रोक दिया है।

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