भाजपा की ‘स्पेशल टीम’ बहुमत के लिए बंगलुरू में डटी ! जानिये इस ‘स्पेशल टीम’ मेें हैं कौन लोग ?

नई दिल्ली। बीजेपी को अगर कर्नाटक में बहुमत मिलता तो गुरुवार को बंगलुरू में पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी शपथग्रहण समारोह में होते. पर ये हो ना सका और बहुमत के बगैर सरकार बनानी पड़ी, इसलिए समारोह में वो आन बान और शान नहीं दिखी. मोदी-शाह तो नहीं पहुंचे पर बहुमत के जुगाड़ के लिए उनका स्पेशल टीम ने वहां डेरा जमा लिया है।

bjpsarkar
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बीजेपी को टीस जरूर होगी कि वो कर्नाटक की जीत की बीजेपी उस तरह खुशी नहीं मना पा रही है जैसी उसकी आदत है. लेकिन बहुमत की बाजीगरी के लिए स्पेशल टीम बंगलुरू में डट गया है. जिसकी जिम्मेदारी है येदियुरप्पा सरकार से अल्पमत का दाग हटाना, और सरकार के जोड़-तोड़ पर बनी निगेटिव इमेज के दुरुस्त करना. इस टीम के सामने मीडिया के तीखे सवालों का जवाब देने की चुनौती भी है.।

ananth_kumar
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मोदी-शाह युग में बीजेपी की रणनीति डायनामिक है. जब सफलता के लिए जुगाड़ की जरूरत हो तो बीजेपी के चेहरे यानी मोदी-शाह की चुनाव जिताऊ जोड़ी बैकफुट पर चली जाती है और मोर्चा संभालने के लिए सामने आती है स्पेशल टीम कर्नाटक में सियासी संकट से बीजेपी को उबारने के लिए पार्टी के जिन चार लोगों उतारा गया है, वो हैं . जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान और प्रकाश जावडेकर. इस टीम के चैथे सदस्य अनंत कुमार पहले से ही कर्नाटक में जमें हैं.।

-dharmendra_pradhan_petroleum
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वोटों की गिनती में गिरते आंकड़ों को देख रणनीति के तहत बीजेपी के बॉस अमित शाह ने पार्टी के तीन बड़े नेता प्रकाश जावडेकर, धर्मेंद्र प्रधान और जेपी नड्डा को इमरजेंसी में अपने आवास पर बुलाया. रणनीति तय हुई और उन्हें फौरन कर्नाटक रवाना कर दिया गया. वहीं, पहले से ही कर्नाटक में मौजूद अनंत कुमार को अलर्ट पर रहने को कहा गया.

-Prakash

स्पेशल टीम के चारों मेंबर को संदेश साफ है बीजेपी सरकार के लिए बहुमत का जुगाड़ करना और पार्टी विद डिफरेंस के लिए जो इमेज का संकट आया है उसे रफू करना. आठ विधायक कम होने के बावजूद राज्यपाल वजुभाई वाला ने बीजेपी को राज्य में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का न्योता दिया और बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को कर्नाटक के सीएम पद की शपथ भी ले ली. अभी भी बहुमत दूर दिख रहा है, किसी भी तरह इसे जल्द से जल्द पूरा करना.

JP_Nadda_PTI
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हालांकि असली चुनौती सदन में बहुमत साबित करने की है. इसके लिए राज्यपाल वजुभाई वाला ने भले ही बीजेपी को 15 दिन का वक्त दिया है, पर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंच गया है ऐसे में टीम को सुनिश्चित करना है कि अगर वक्त घट जाए तो भी बहुमत का काम बन जाए. कांग्रेस और जेडीएस दोनों के विधायकों को साम, दाम दंड, भेद से तोड़ने की प्रक्रिया जारी है।

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