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1982 में जयपुर से लापता हुआ था गजानंद, 36 साल बाद आई लाहौर जेल में बंद होने की खबर!

जयपुर.  राजस्थान की राजधानी जयपुर का एक शख्स पाकिस्तानी जेल में बंद है। यह शख्स 36 साल पहले जयपुर से लापता हुआ था। राष्ट्रीयता की जांच के लिए पाकिस्तान की ओर से भेजे गए दस्तावेजों से यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इसका नाम गजानंद शर्मा (68) है। गजानंद की वापसी की उम्मीद छोड़ चुके परिजनों के लिए पाकिस्तानी हुकूमत का यह दस्तावेज किसी चमत्कार से कम नहीं है। गजानंद की 62 वर्षीय पत्नी मखनी देवी की आंखों में चमक और डर दोनों एकसाथ छलकते हैं। कहती हैं, “अब तो एक ही आखिरी आस है। एक बार उनके दर्शन कर लूं। लेकिन पाकिस्तानी जेल का नाम सुनकर डर लगता है।” परिवार को ये समझ नहीं आ रहा है कि उन्हें गजानंद को देश वापस लाने के लिए क्या करना होगा और कहां जाना होगा।

पता नहीं, कैसे पहुंच गए पाकिस्तानी जेल 

गजानंद, पाकिस्तानी जेल कैसे पहुंच गए। वहां किस अपराध में बंद है। इस बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं है।  पत्नी मखनी देवी बताती हैं, “वे मजदूरी करते थे। ऐसे में अक्सर घर से बाहर रहते थे। बात 1982 की है। घर में पालतू जानवर की मौत हो गई थी। वे (गजानंद) अचानक घर से बिना बताए निकल गए। उस दिन से उनका कुछ भी पता नहीं चला।” मखनी देवी कहती हैं, कुछ दिनों तक आसपास तलाश की।  ब्रह्मपुरी थाने भी गई। लेकिन, कुछ हुआ नहीं। अनपढ़ थी, सो थाने में रिपोर्ट भी दर्ज नहीं करवा पाई। तब बेटों की उम्र भी 12-15 साल रही है। परिवार के पालन की जिम्मेदारी उन पर आ गई। मजबूरी में एक निजी अस्पताल में नौकरी कर ली।

दिलों-दिमाग से धुंधली हो गई थी यादें 

गजानंद के दो बेटे हैं। मुकेश और राकेश। परिवार जयपुर के नाहरगढ़ थाना इलाके में माउंट रोड में फतेहराम का टीबा कॉलोनी में रहता है। राकेश पंडिताई और छोटा बेटा मुकेश आदर्श नगर स्थित परिवार कल्याण केंद्र कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। छोटे बेटे मुकेश शर्मा कहते हैं, “पिता की तलाश में दिन तेजी से महीनों में गुजरे और महीनें सालों में बीत गए। उनकी यादें भी दिल-दिमाग से धुंधली हो चली थीं। घर लौटने की उम्मीदें खत्म सी हो गई थीं। हालांकि, परिवार ने आस नहीं छोड़ी और उन्हें जीवित मानते रहे।”

7 मई को आया फोन 

मुकेश बताते हैं, “7 मई को ताऊ के बेटे राजेंद्र शर्मा ने फोन किया। उन्होंने बताया, गजानंद चाचा का पता चल गया है। वह पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद है। पाकिस्तान से गजानंद की राष्ट्रीयता की सत्यता जांचने के लिए दस्तावेज सामोद थाने में आए है।” यह सुनकर एकबार तो भरोसा नहीं हुआ। बाद में उसने पूरा मामला बताया। कहा, पुलिस महार कलां गांव में गजानंद शर्मा का पता लगाने पहुंची थीं। वहां बुजुर्ग ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि गजानंद और उनके बड़े भाई के परिवार कई सालों से जयपुर में शिफ्ट है। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मुकेश के परिवार को इसकी सूचना दी।

पुलिस को दिए कागजात, जांच करेगी पुलिस  

मुकेश ने बताया कि पाकिस्तान जेल के दस्तावेज सामोद थाने में गजानंद शर्मा की राष्ट्रीयता के सत्यापन की लिए पहुंचे थे। इन दस्तावेजों में गजानंद शर्मा पुत्र भूरामल शर्मा उम्र 65 निवासी गांव महार कलां, थाना सामोद लिखा था। मुकेश ने बताया कि, वह पिता से संबंधित कागजातों को लेकर थाने पहुंचे। इनमें राशनकार्ड समेत अन्य कागजात हैं।  हालांकि, उनका स्वयं का कोई आईकार्ड नहीं है। वहीं, इस मामले में सामोद थाने के एएसआई कैलाशचंद का कहना है कि गजानंद नाम के व्यक्ति की नागरिकता और एड्रेस के लिए दस्तावेज आए थे। पड़ताल में गजानंद के परिवार का जयपुर कमिश्नेरट के क्षेत्राधिकार में रहने की जानकारी सामने आई है। अब स्थानीय पुलिस मामले की पड़ताल करेगी।

खुशी हुई लेकिन पाकिस्तान जेल का नाम सुनते ही रोने लगे

– मुकेश ने रुंधे गले से बताया कि एकबारगी तो बहुत खुशी हुई। लेकिन ज्यों ही पाकिस्तान की लाहौर जेल का नाम सुना। तब पैर लड़खड़ा गए। पूरा परिवार स्तब्ध रह गया और सभी फूट-फूटकर रोने लगे कि आखिर पिताजी किस हाल में होंगे। कब घर लौटेंगे। अब इस परिवार की मांग है कि राज्य व केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय इस मामले में दखल दे। ताकि गजानंद शर्मा को लाहोर की जेल से आजादी मिल सके। हालांकि, परिवार को फिलहाल कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है।

पुलिस- जांच के बाद ही कुछ कह पाएंगे 

– पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गजानंद की नागरिकता से संबंधित दस्तावेज आएं हैं। लेकिन, परिवार जो दावा कर रहा है। उसको लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। पूरे मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह वही गजानंद है जिस पर यह परिवार का दावा है।

– वहीं सामोद थानाप्रभारी शेरसिंह का कहना है कि गत 4 मई को जयपुर ग्रामीण एसपी ऑफिस से गजानंद शर्मा नाम के व्यक्ति की भारतीय राष्ट्रीयता के सत्यापन के संबंध में दस्तावेज आए थे। इसमें उनके पाक जेल में बंद होने का हवाला था। हमने सत्यापन संबंधी कार्रवाई पूरी कर एसपी ऑफिस में भेज दी है। अब क्षेत्राधिकार जयपुर होने से स्थानीय पुलिस पड़ताल करेगी।

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