गंगा दशहरा : गंगा स्नान करने मात्र से नष्ट हो जाते हैं सभी पाप और दूर होंगे ग्रह दोष

गंगा जीवन और मृत्यु से जुड़ी हुई है जिसके बिना अनेक संस्कार अधूरे माने जाते हैं। गंगा स्नान करने मात्र से ही व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। सही तरीके से किया गया गंगा स्नान आपको आरोग्यता प्रदान करेगा।

– गंगा स्नान के समय सबसे पहले सिर पर पानी डालना चाहिए उसके बाद पूरे तन पर जल डालना चाहिए। सिर हमारा ब्रहम स्थान होता है इसलिए सबसे पहले ब्रहम स्थान को जल से स्नान कराना शुभ होता है।
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– सबसे ज्यादा गर्म हमारा सिर ही होता है, इसलिए सिर की गर्मी पहले दूर करनी चाहिए।
– गंगा स्नान से पूर्व नदी के जल पर तर्जनी अंगुली से ”ऊॅ” लिखकर उसके बाद डुबकी लगाना अधिक पुण्यकारी साबित होता है। इस प्रकार उपाय करने से मन को शान्ति मिलती है एंव घर में धन, दौलत की वृद्धि होती है।
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– स्नान करते वक्त ”ह्रीं” मन्त्र का जाप करने से आप पूरे दिन उर्जावान रहते है एंव कार्यो में आने वाली बाधायें दूर होकर सफलता के मार्ग प्रशस्त होते है।
– यदि आपका बृहस्पति ग्रह आपको अशुभ फल दे रहा है तो आप नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाकर स्नान करें। ऐसा करने से धीरे-धीरे गुरू ग्रह की अशुभता दूर हो जाती है।
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– स्नान करते समय निम्न मन्त्र ”गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलस्मिन्सन्निधिं कुरू” का जाप करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
– गंगा स्नान से मन शांत होता है।
– जीवन में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
– मां गंगा जीवन के सभी पापों को नष्ट कर देती हैं।
– दीर्धायु के लिए भी गंगा स्नान बेहद लाभकारी है।
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