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जानिये स्विस बैंक में कैसे खुलता है खाता, क्या होते हैं नियम

बर्न । स्विट्जरलैंड की खूबसूरती को लेकर इसे धरती का स्वर्ग भी कहा जाता है, लेकिन स्विस बैंकों के कारण यह श्पैसों का स्वर्गश् बनता जा रहा है। हाल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा 2017 में 50 फीसदी तक बढ़ गया है। अब तक काले धन और स्विस बैंकों को लेकर कई खबरें तो पढ़ी होंगी लेकिन क्या आपको मालूम है कि यह कैसे काम करता और कैसे होते हैं यहां के नियम।

Swiss Bank

… तो ऐसा अकाउंट खुलवाया जाता है
काला धन रखने वाले जो अकाउंट खुलवाते हैं, उसे नंबर अकाउंट कहा जाता है। स्विस बैंक में अकाउंट 68 लाख रुपये से खुलता है। इसमें ट्रांसजैक्शन के वक्त कस्टमर के नाम के बजाय सिर्फ उसे दी गई नंबर आईडी का इस्तेमाल होता है। इसके लिए स्विट्जरलैंड के बैंक में फिजिकल तौर पर जाना जरूरी हो जाता है। 20,000 रुपये हर साल इस अकाउंट की मेंटनेंस के लिए जाते हैं।

रखी जाती है गोपनीयता
स्विट्जरलैंड में करीब 400 बैंक हैं, जिनमें यूबीएस और क्रेडिट सुइस ग्रुप सबसे अहम हैं। ये सभी बैंक गोपनीयता कानून की धारा 47 के तहत बैंक अकाउंट खुलवाने वाले की गोपनीयता रखते हैं। इसीलिए काला धन रखने वाले यहां अकाउंट खुलवाना पसंद करते हैं। इसमें सबसे अहम होता है बैंक का सिलेक्शन। जिन्हें अपनी प्राइवेसी बरकरार रखती होती है, वे ऐसे स्विस बैंक का चुनाव करते हैं, जिसकी ब्रांच उनके अपने देश में न हो। क्योंकि अगर ब्रांच स्विट्जरलैंड से बाहर होगी तो वहां पर उसी देश के नियम कायदे लागू होते हैं।

ये डाक्युमेंट्स हैं जरूरी
बैंक रिकॉर्ड के लिए कई तरह के डॉक्युमेंट्स मांगते हैं। इनमें पासपोर्ट की ऑथेन्टिक कॉपी, कंपनी के डॉक्युमेंट, प्रफेशनल लाइसेंस जरूरी होता है।

ऐसे खर्च करते हैं यहां का पैसा
कैश विड्रॉल: खुद बैंक जाकर कैश निकाल लेना। इस डायरेक्ट कैश विड्रॉल से प्राइवेसी बनी रहती है क्योंकि ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड सिर्फ बैंक के पास होता है।

ट्रैवलर चेक: इन्हें इस्तेमाल करना आसान है और ये हर जगह स्वीकार भी किए जाते हैं। पर इस चेक की रकम के हिसाब से बैंक को एक फीसदी कमीशन देना होता है।

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