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बेखौफ चल रहा है सरकारी शिक्षकों का कुशीनगर मे ………अबैध कोचिंग का कारोबार

उपेन्द्र कुशवाहा
कुशीनगर। मुख्यमंत्री जी! जनपद में खुलेआम उड़ाई जा रही है कोचिंग अध्यादेश की धज्जियां और जिला प्रशासन व विभाग के जिम्मेदार सूरदास बने बैठे है। कहना न होगा कि  शासकीय स्कूल के शिक्षक जहा विद्यालय मे पढ़ाने के बजाये अबैध ट्यूशन व कोचिंग की दूकान को फूल टाइम कमाई का जरिया बना लिये है वही अनट्रेंड शिक्षक कोचिंग पढ़ाने के नाम पर मोटी रकम वसूलने के साथ साथ छात्रो के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। इतना ही नहीं अबैध रूप से संचालित कोचिंग सेन्टरो पर शिक्षकों द्वारा प्रैक्टिकल मे फेल करने की धमकी देकर छात्रो को कोचिंग पढने के लिए मजबूर किया जा रहा है तो कही नौकरियों के लुभावने वादे कर छात्रो को झांसा दिया जा रहा है। ऐसे मे शिक्षा विभाग की खामोशी ने इन अबैध कारोबारियों का हौसला बुलन्द कर दिया है।
गौरतलब है कि शासकीय शिक्षकों के लिए कोचिंग /ट्यूशन पढाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।वावजूद इसके पडरौना नगर सहित जनपद के उपनगरो मे प्राथमिक विद्यालय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक शिक्षा परिषद के शिक्षक बेखौफ ट्यूशन/कोचिंग पढाकर सरकारी आदेश को ठेगा दिखा रहे है। इन शिक्षकों को न तो बीएसए का खौफ है न डीआईओएस का डर। इन्हें जिले के आला अफसर कहे जाने वाले कलेक्टर का भी खौफ नहीं है। अरे साहब….! यह मनबढ शिक्षक तो ऐसे  है जो सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को भी  देख लेने की बात करने से परहेज नहीं करते।
▶  प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बोले- कोचिंग हम पढाते है किसी और को दिक्कत क्यों?
मीडिया ने जब प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सुजीत पाण्डेय से पूछा कि ” आप सरकारी टीचर है फिर कोचिंग कैसे पढा रहे है।” इस पर श्री पाण्डेय पहले तो सकपकाए फिर अपने प्रभाव का प्रभाव डालने का प्रयास किया लेकिन जब संवाददाता इनके प्रभाव से प्रभावित नही हुआ तो श्री पाण्डेय ने उल्टे ही पत्रकार से सवाल दागते हुए कहा कि आपको दिक्कत क्या है? सेलफोन पर हुई वार्ता के दौरान संवाददाता ने कहा कि दिक्कत कोई नहीं है परेशानी बस इतना है कि आप सरकारी विद्यालय मे शिक्षक है फिर भी  आप कोचिंग अध्यादेश का धज्जियाँ उड़ाते हुए बेखौफ कोचिंग पढा रहे है। क्या आपको बीएसए और जिले के आला अफसरों से डर नहीं लगता है। इस पर प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक सजीत पाण्डेय ने कहा सभी  पढ़ाते है तो हम भी  पढ़ाते है इसमें डरने वाली कौन सी बात है। यहा बताना जरूरी है कि श्री पाण्डेय विशुनपरा विकास खण्ड अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय पकडियार बरकंठी स्कूल पर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है जो नगर के जगदीशपुरम कालोनी मे अबैध रूप से संचालित ” द साइन्स विज़न ” कोचिंग संस्थान मे हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट के तकरीबन तीन सौ छात्रो को कोचिंग पढ़ाते है और इसके एवज मे मोटी रकम छात्रो से वसूली करते है। सूत्रो की माने तो मास्टर साहब कभी भी सुबह  छह बजे से दस बजे तक और दोपहर दो बजे से देर शाम सात बजे तक अपने अबैध कोचिंग मे ” कोचिंग अध्यादेश की धज्जियाँ उडाते हुए मिल जायेगे।
▶बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा है कोचिंग
जनपद मे अबैध कोचिंग की बाढ आ गई है। सरकारी व सहायता प्राप्त गैरसरकारी शिक्षण संस्थानो के शिक्षक जहा चौक- चौराहे और गली-मोहल्ले में बिना किसी मानक और  पंजीयन के हजारो की संख्या मे कई शिफ्ट मे  कोचिंग पढा रहे है। वही अनट्रेंड शिक्षक जिनके पास योग्य शिक्षक होने का कोई प्रमाण नहीं है वह भी सरकारी स्कूल के अध्यापकों के पदचिह्नों पर अपने अबैध कारोबार को बेखौफ आगे बढा़ रहे है।
▶ कोचिंग ने चौपट किया
स्कूली शिक्षा-व्यवस्था
सरकारी व शासकीय विद्यालयो के शिक्षकों  द्वारा कोचिंग /ट्यूशन के रूप मे शुरु किया गया अबैध कारोबार ने जनपद की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। नतीजतन विभाग और सरकारी व शासकीय शिक्षकों के मिलीभगत से संचालित कोचिंग सेन्टरो के वजह से स्कूलों में छात्रो की उपस्थिति दिन-ब-दिन  लगातार कम होती जा रही है। परिणामस्वरूप विद्यालयो मे कक्षाएं सूनी रहती है जबकि कोचिंग संस्थानो पर विद्यार्थियो की भारी संख्या मे भीड देखी जा रही है।
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▶ सरकारी स्कूल के शिक्षक और कोचिंग संचालक विभाग को चढ़ाते है चढ़ावा
विश्वस्त सूत्रो की माने तो सरकारी एवं शासकीय विद्यालयो के शिक्षक व अबैध कोचिंग संचालकों का हौसला इस लिए बढा़ है क्योंकि इनके द्वारा हर माह विभाग को मोटी रकम के रूप मे चढ़ावा चढ़ाया जाता है। यही कारण है कि विभाग कोचिंग सेन्टरो और सरकारी/शासकीय अध्यापकों के खिलाफ लगातार शिकाइत मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
▶क्या है कोचिंग अध्यादेश 
कोचिंग अध्यादेश -2002 में स्पष्टरुप से कहा गया है कि सहायता प्राप्त सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयो के शिक्षक-शिक्षिकाएं न तो कोचिंग -ट्यूशन पढायेगा और न ही कोचिंग संचालक उनकी सेवा ले सकेगे। अध्यादेश  मे कोचिंग- ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों  की सेवा समाप्ति का प्राविधान रखा गया है। इसके अलावा जिन  कोचिंग संस्थान मे सहायता प्राप्त सरकारी व गैरसरकारी अध्यापक कोचिंग पढ़ाते हुए पकोडे जाते है उस कोचिंग संचालक पर एक लाख रूपये तक जुर्माना वसूल करने प्रावधान निर्धारित किया गया है।
▶ हिम्मत है किसी मे तो बन्द करा दे कोचिंग – राहुल मिश्रा
पडरौना नगर के बेलवा चुंगी स्थित स्टूडेण्ट ट्यूटोरियल कोचिंग मे हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट के छात्रो को कोचिंग पढा रहे राहुल मिश्रा से संवाददाता ने पूछा कि आप सरकारी शिक्षक है आपके साथ विशुनपुरा विकास खण्ड अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय पकडियार बरकंठी मे तैनात सुजीत पाण्डेय भी सरकारी शिक्षक है वह भी बेखौफ कोचिंग पढाते है और आप भी  कोचिंग पढाते है। क्या आपको शासन और प्रशासन से डर नही लगता। इस पर राहुल मिश्रा ने तिलमिलाते हुए कहा कि शासन और प्रशासन मे हिम्मत है तो बन्द करा दे सभी कोचिंग संस्थान। एक सवाल के जबाब मे प्राथमिक विद्यालय पकडियार बरकंठी मे तैनात व नगर के बेलवाचुंगी स्थित ” स्टूडेण्ट ट्यूटोरियल मे भौतिक विज्ञान पढ़ाने वाले श्री मिश्र ने कहा कि क्यों मैं आपको कोई जानकारी दू। अपना गला खुद क्यों फँसाये। विद्यालय के माध्यम से बीएसए के वहा जाने वाला हर कागजात मेरे हैण्डराइटिंग मे होता है सुजीत पाण्डेय के हैण्डराइटिंग से कोई कागजात नहीं जाता है कोई बात ओपेन होगा तो सीधे मेरा गला नपेगा। क्यों हम आपको कोई जानकारी दे ।
▶हजारो की संख्या मे लगती है छात्रो की भीड
पडरौना नगर सहित जनपद के कसया,कुशीनगर,हाटा,तमकुही, खड्डा,कप्तानगंज सहित चौक-चौराहा और गली-मोहल्ले मे संचालित कोचिंग सेन्टरो पर कही भी  मानक का ख्याल नहीं रखा गया है। मार्गीदरबे की तरह बने क्लासरूम मे डेड सौ से लगायत दो सौ बच्चे बैठकर कोचिंग के मास्टर साहब का लेक्चर सुनने के लिए दो हजार से ढाई हजार रूपये दते है जबकि विद्यालयो मे हवादार क्लासरूम मे चालीस छात्रो को बैठाने का नियम है। सूत्र बताते है कि तमाम कोचिंग संस्थाओ पर न बैठने की अच्छी व्यवस्था है, न पीने के सुबहित पानी का इन्तजाम है और न ही टायलेट की व्यवस्था है जिसके वजह से खासकर छात्राओं को काफी दिक्कतो का सामना करना पडता है।
▶ हर साल आयकर की करते है चोरी 
सूत्रो की माने तो पडरौना, कसया,कुशीनगर ,हाटा, तमकुही मे संचालित कोचिंग सेन्टरो पर पढा रहे सरकारी/शासकीय शिक्षकों (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, कामर्स, वायोलाजी आदि विषय) का सलाना आय पन्द्रह से बीस लाख रूपये है। बावजदू इसके शिक्षकों द्वारा अपने इस अबैध कमाई मे से फूटी कौड़ी भी  सरकार को टैक्स नहीं दिया जाता है। टैक्स चोरी कर कोचिंग की अबैध कमाई करके पांच साल मे यह शिक्षक कहा से कहा पहुच गये इसकी जांच भी जरूरी है।
▶ आये दिन होती है मार-पीट और छेड़खानी 
पडरौना नगर मे संचालित तकरीबन दो दर्जन कोचिंग सेन्टरो पर आये दिन छेड़खानी और मारपीट की घटना देखने को मिलती है। मजे की बात यह है कि छात्राओं के साथ छेड़खानी व मारपीट करने वाले छात्रो के खिलाफ कोचिंग संचालक भी  कोई कार्रवाई नही करते है। वैसे तो इस दुव्यवस्था से कोई कोचिंग अछूता नही है। लेकिन डिग्री कालेज रेलवे स्टेशन रोड जाने वाली सडक के किनारे स्थित ” दयाल कोचिंग सेन्टर” पर सबसे ज्यादे इस तरह की घटना देखने को मिलती है। यहा पढाने वाले कुछ शिक्षक ऐसे है जिनके पास योग्य शिक्षक की कोई योग्यता नही है तो कुछ ऐसे भी शिक्षक कोचिंग पढाते है जो शासकीय विद्यालयो मे अध्यापक है।वावजूद इसके विभाग द्वारा कभी कोई कार्रवाई नहीं किया गया है जबकि इस कोचिंग के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग एवं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को दर्जन शिकायती पत्र दिये गये है।
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