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कोर्ट ने कहा-सोशल मीडिया पर पोस्ट अभिव्यिक्ति का अधिकार, खारिज की आलोक नाथ की याचिका

नई दिल्ली। मीटू कैम्पेन में यौन शोषण के आरोपों में घिरे अभिनेता आलोक नाथ को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने आलोकनाथ की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है. इस याचिका में आलोक नाथ ने मांग की थी विनता नंदा द्वारा सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट पर रोक लगा दी जाए।

. कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करना अभिव्यिक्ति के अधिकार के तहत आता है.। कोर्ट का कहना है कि विनता को किसी भी प्लैटफॉर्म पर बोलने की आजादी है. दरअसल विनता के आरोपों के बाद आलोक नाथ की पत्नी आशू सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर की थी.।

आशू का कहना था कि विनता पर किसी भी प्लैटफॉर्म पर बयान देने पर रोक लगाई जाए. आशू की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि विनता टीवी, सोशल मीडिया, प्रिंट या दूसरे किसी भी प्लैटफॉर्म पर बयान दे सकती हैं.।

एक तरफ तो आलोक नाथ की पत्नी, विनता सिंह के बयानों पर रोक लगवाने की कोशिश कर रही थीं ।

वहीं दूसरी ओर आलोक नाथ पहले ही खुद पर लगे आरोपों को गलत बता चुके हैं. उनका कहना था, वो (विनता) जो कुछ भी बोल रही हैं उनका व्यक्तिगत दृष्टिकोण है. मैं न इस मामले को स्वीकारता हूं, न ही इससे मना करता हूं. लोगों का काम तो बातें करना है. मैं यहां अपनी सफाई नहीं देने जा रहा हूं. किसी भी ऐसे मामले में सिर्फ एक आदमी इन्वॉल्व नहीं होता है. इस समय मैं चुप ही रहना चाहूंगा. अभी-अभी इस मामले को पढ़ा है और वे ज्यादा क्लीयर नहीं हैं।

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