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तीन लोगों को जिंदगी दे गया जज का बेटा

गुडगांव । जज कृष्णकांत के बेटे धु्रव की भी मंगलवार को सुबह 4 बजे मेदांता अस्पताल में मौत हो गई। अंगदान के लिए जज की सहमति के बाद ध्रुव की दोनों किडनियों और लिवर को सर्जरी कर निकाल लिया गया, जिनसे तीन लोगों को नया जीवन मिला है। दोपहर करीब 12 बजे पोस्टमॉर्टम के लिए ध्रुव का शव ले जाया गया। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. दीपक माथुर और डॉ. पवन चैधरी की टीम ने बताया कि 2 गोली सिर के आर-पार हो गई थी, तीसरी गोली गर्दन में लगी थी। इसकी वजह से ही ध्रुव ब्रेन डेड हो गए थे। जज के गनर महिपाल ने 13 अक्टूबर को उनकी पत्नी रितु और बेटे धु्रव को गोली मार दी थी।

रितु की अगले दिन अस्पताल में मौत हो गई थी, जबकि ब्रेन डेड होन होने के बाद ध्रुव का मेदांता में इलाज चल रहा था। मेदांता हॉस्पिटल के प्रवक्ता ने बताया कि ध्रुव के शरीर की दो किडनियों और 1 लीवर से 3 लोगों को जीवनदान मिला है। 3 अलग-अलग मरीजों को ये अंग लगा दिए गए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि हॉस्पिटल की पॉलिसी के अनुसार मृतक के परिवार को भी नहीं बताया गया कि ये अंग किस मरीज को लगाए गए हैं। यह बात सार्वजनिक नहीं की जा सकती। अडिशनल सेशन जज कृष्णकांत की पत्नी रितु (37) और बेटा ध्रुव (17) सेक्टर-49 के आर्केडिया मार्केट में 13 अक्टूबर को गए थे। मार्केट में हुए विवाद के बाद गनर महिपाल ने रितु और ध्रुव को गोली मार दी थी। घटना के बाद महिपाल जज की होंडा सिटी कार लेकर भाग गया था। दोनों घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाया गया था। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने ग्वाल पहाड़ी के पास से महिपाल को गिरफ्तार किया था।

गुडगांव पुलिस ने घटना की जांच के लिए डीसीपी सुलोचना गजराज के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया था। 17 अक्टूबर को एसआईटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गनर महिपाल कार के पास नहीं था। उसके आने पर रितु और ध्रुव ने उस पर गुस्सा हुईं तो वह मारपीट करने के बाद गोली मार दी। एसआईटी ने बताया कि गनर महिपाल पुलिस की नौकरी के अलावा अपने परिचित की कार जो ओला से अटैच थी, उसे चलाता था। इसके साथ ही किसी कंपनी के साथ चेन सिस्टम पर आगे ग्राहक बनाने का काम भी करता था। काम की अधिकता की वजह से वह चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो गया था। गुस्से में ही उसने वारदात की थी। वारदात की रिपोर्ट जज कृष्णकांत ने सेक्टर-50 थाने में दर्ज कराई है।

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