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Parliament Speaker ने दी चेतावनी, इस राजनीतिक संकट में बह सकती हैं ‘खून की नदियां ‘

कोलंबो । श्री लंका की संसद के स्पीकर ने कहा कि यदि देश की विधायिका नेतृत्व संघर्ष में निलंबित कर दी गई तो उनका देश राजनीतिक हिंसा में उतर सकता है। श्री लंका की राजधानी राजनीतिक साजिश की जकड़ में आ गई, जब राष्ट्रपति मैत्रीपाला सीरीसेना ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को शुक्रवार को एक हत्या की साजिश की वजह से हटाना पड़ा। जबकि विक्रमसिंघे ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताया है। सीरीसेना ने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री बनाया है। राजपक्षे 2005 से 2015 तक देश में शासन कर चुके हैं। शनिवार को सीरीसेना ने संसद निलंबित कर दी।

ब्लूमबर्ग में छपी रिपोर्ट की मानें तो श्री लंका की संसद के स्पीकर कारू जयसूर्या ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, श्हमें इसका निस्तारण संसद के जरिए करना चाहिए। अगर यह संघर्ष सड़क पर उतरा तो खून खराबा होगा। श्री लंका पुलिस के प्रवक्ता रूवान गुरासेकरा ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्री अर्जुन राणातुंगा के सिक्यॉरिटी गार्ड द्वारा राजपक्षे के समर्थकों पर गोली चलने के बाद एक व्यक्ति मारा जा चुका है और दो घायल हैं। यह हमला गेलॉन पेट्रोलियम कॉर्प हेडक्वॉर्टर के अंदर हुआ था। सोमवार को मंत्री अर्जुन राणातुंगा को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

श्री लंका में राजनीतिक अनिश्चितता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पिछले साल इस देश की आर्थिक विकास दर 2001 से अब तक की सबसे धीमी रही है। मूडीज की इन्वेस्टर सर्विस ने आने वाले कुछ हफ्तों में अर्थव्यवस्था और बड़ी मात्रा में निवेशकों के पैर पीछे खींचने की आशंका जाहिर की है। यहां तक कि अमेरिका ने सीरीसेना से संसद को फिर से शुरू करने को कहा है, जबकि विदेशी दूतावासों ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है।

मूडीज के रिस्क ग्रुप के विश्लेषक मैथ्यू सिकोस्टा ने कहा, श्वर्तमान राजनीतिक संकट से निवेशकों में नकारात्मक छवि बनेगी। राष्ट्रपति द्वारा राजपक्षे को अचानक प्रधानमंत्री बनाने की बात से राजनीतिक अस्थिरता जाहिर होती है। इसके साथ ही वर्तमान सामाजिक टेंशन से आने वाले हफ्तों में अर्थव्यवस्था में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जबकि अर्थव्यवस्था पहले से ही कमजोर हालत में है।

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