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पढ़ें सनसनीखेज दास्तां: बेटी ने ही खत्म करवा दिया चंदेल वंश का राज परिवार, जानिये घिनौना सच !!

पंचकूला (हरियाणा) । पंचकूला के खटौली में हुई चार हत्याओं का सच सामने आ गया है। आखिर कोई बेटी अपनी ही मां और तीन बच्चों को कैसे मौत के घाट उतरवा सकती है। वह भी महज संपत्ति के लिए। समाज का यह एक ऐसा है जिसकी बानगी पंचकुला के खटौली गांव में देखने को मिली। जहां चंदेल रजवाड़े परिवार की बुजुर्ग महिला राजबाला, उनकी दो पौत्रों और एक पौत्री की हत्या इसी लालच में करवा दी गई।

चन्देल वंश मध्यकालीन भारत का प्रसिद्ध राजवंश रहा है
इस वंश की उत्पत्ति का उल्लेख कई लेखों में है। प्रारंभिक लेखों में इसे चंद्रात्रेय वंश कहा गया है पर यशोवर्मन् के पौत्र देवलब्धि के दुदही लेख में इस वंश को चंद्रल्लावय कहा है। कीर्तिवर्मन् के देवगढ़ शिलालेख में और चाहमान पृथ्वीराज तृतीय के लेख में चन्देल शब्द का प्रयोग हुआ है। इसकी उत्पत्ति भी चंद्रमा से मानी जाती है इसीलिये चंद्रात्रेयनरेंद्राणां वंश के आदि निर्माता चंद्र की स्तुति पहले लेखों में की गई है। धंग के विक्रम सं. 1011 (954 ई.) के खजुराहो वाले लेखों में जो वंशावली दी गई है, उसके अनुसार विश्वशृक पुराणपुरुष, जगन्निर्माता, ऋषि मरीचि, अत्रि, मुनि चंद्रात्रेय भूमिजाम के वंश में नृप नंनुक हुआ जिसके पुत्र वा पति और पौत्र जयशक्ति तथा विजयशक्ति थे।

जिसने 08वीं से 12वीं शताब्दी तक स्वतंत्र रूप से यमुना और नर्मदा के बीच, बुंदेलखंड तथा उत्तर प्रदेश के दक्षिणी-पश्चिमी भाग पर राज किया। चंदेल वंश के शासकों का बुंदेलखंड के इतिहास में विशेष योगदान रहा है। उन्होंने लगभग चार शताब्दियों तक बुंदेलखंड पर शासन किया। चन्देल शासक न केवल महान विजेता तथा सफल शासक थे, अपितु कला के प्रसार तथा संरक्षण में भी उनका महत्घ्वपूर्ण योगदान रहा। चंदेलों का शासनकाल आमतौर पर बुंदेलखंड के शांति और समृद्धि के काल के रूप में याद किया जाता है। चंदेलकालीन स्घ्थापत्घ्य कला ने समूचे विश्व को प्रभावित किया उस दौरान वास्तुकला तथा मूर्तिकला अपने उत्कर्ष पर थी। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं खजुराहो के मंदिर।

बेटी ही निकली मां और तीन भतीजे-भतीजी की कातिल
बरवाला के खटौली गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पंचकूला पुलिस ने मंगलवार को मृतका राजबाला की बड़ी बेटी लवली को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आरोपी बनाई गई महिला ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसको बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। उसके मुताबिक उसने यह हत्घ्या संपत्ति के लालच में करवाई थी और इसके लिए उसने सुपारी किलर की मदद ली थी। मारी गई महिला की पहचान 75 वर्षीय राजबाला और उसके दो मासूम पोते (16 वर्षीय दिवांशु, 12 वर्षीय आयुष) और एक पोती (18 वर्षीय ऐश्वर्या) के रूप में हुई है। 16 साल का दिवांशु दसवीं कक्षा का छात्र था और मौली के स्कॉलर स्कूल पढ़ाई करता था। वंश छठी कक्षा का छात्र था और रायपुर रानी के केवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल का छात्र था। ऐश्वर्या रायपुर रानी के गर्ल्स कॉलेज में पढ़ाई करती थी। इन सभी की हत्घ्या को अंजाम देने वाली का नाम लवली है जो राजबाला की बेटी है।

रहस्यमय तरीके से अन्य परिवार के लोग गायब है मौत हो गयी
राजबाला के पति राजेंद्र सिंह चंदेल की खटौली और आसपास के गांवों में 80 से 90 एकड़ जमीन एवं काफी संपत्ति है। राजबाला के बेटे उपेंद्र की भी वर्ष 2008 में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत करीब सात वर्ष पहले हो गई थी। इसको सुसाइड बताया गया था। इसके बाद राजबाला के पति राजेंद्र की भी मौत हो गई थी, जिसके बाद यह प्रापर्टी राजबाला के नाम हो गई थी। करीब दो वर्ष पहले राजबाला की बहू भी रहस्यमय तरीके से गायब हो गई, जिसका आजतक कोई पता नहीं चल सका है। इस हत्या की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस पूरी घटना को 16 नवंबर की रात को अंजाम दिया गया। अगले दिन सुबह जब इस हत्या का मामला सामने आया तो सबसे पहले शक की सूई राजबाला की बड़ी बेटी लवली और उसके पुत्र की ओर पर गई। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

इस सनसनीखेज हत्याकांड में कौन-कौन लोग शामिल है पुंलिस कर रही है पता
उसका मोबाइल घर पर ही है। पुलिस को उसकी लोकेशन वर्तमान में यूपी की मिल रही है। उसे पकड़ने के लिए भी पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। ये टीमें अब यह पता कर रही हैं कि राजकुमार का यूपी में किससे और क्या संबंध है। हालांकि पुलिस विश्वसनीय पुलिस सूत्रों का कहना है कि राजकुमार भी पुलिस की हिरासत में है और जल्द ही पुलिस इस मामले का पर्दाफाश करेगी। पुलिस खुलासे से पहले वारदात में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहती है। बता दें कि इससे पहले मृतका राजबाला के ड्राइवर सोनू और उसकी बड़ी बेटी लवली के बेटे विजय से भी पूछताछ की जा चुकी है। वहीं, हत्या के दौरान जमीन पर बिखरा खून आज भी वैसे ही पड़ा है। इसकी सुरक्षा के लिए जहां चारपाई लगाई गई है, वहीं पुलिस के जवान भी तैनात हैं।

 

हत्या की रात गांव में आई थीं कुल छह गाड़ियां
वहीं, तीन दिन की पुलिस जांच में ये स्पष्ट हो गया है कि परिवार के चारों लोगों की हत्या किसी करीबी ने की या फिर करवाई है। गांव वालों ने बताया कि हत्या की रात गांव के बाहर छह गाड़ियां आई थीं, जिनके साथ राजबाला की बड़ी बेटी लवली के बेटा विजय को देखा गया था। पुलिस ने गांव की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी कब्जे में लिया है, जिसमें छह गाड़ियां दिखाई दी हैं। इतना ही नहीं पुलिस ने छह गाड़ियों में से एक नंबर और घर का एड्रेस भी ट्रेस कर लिया है। पुलिस किसी भी वक्त गाड़ी मालिक को हिरासत में ले सकती है।

के वंश में अकेली बची 12 वर्षीय पोती मासूम शैली
इस वक्त अत्याधुनिक इंसास राइफल के साए में है और घर की चारदीवारी में ही कैद होकर रह गई है। वह केवल रिश्तेदारों के अन्य बच्चों से मिलकर और उन्हीं के साथ खेल पाती है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से जहां घर में बाहरी किसी भी व्यक्ति के प्रवेश को वर्जित कर रखा है, वहीं मासूम शैली की सुरक्षा में तैनात जवानों के हाथों में करीब 900 मीटर तक की मारक क्षमता वाला अत्याधुनिक राइफल इंसास थमा रखा है। इसके अलावा घर के मुख्यद्वार पर ही एक पुलिस की जिप्सी भी तैनात की गई है। जवान रोटेशन वाइज यहां ड्यूटी दे रहे हैं। शैली जिस कमरे में दादी और भाई सोते थे, उसी में खेल रही है। उसे केवल पढ़ाई की चिंता सता रही है।

राजबाला की कहां कितनी प्रॉपर्टी
राजघराने से संबंध रखने वाली मृतक राजबाला की कहां कितनी प्रॉपर्टी है, इसका भी पता पुलिस ने लगा लिया है। जांच में पता चला है कि राजबाला की पंचकूला क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ जमीन है। इसके अलावा उनके बैंक खातों में भी एक करोड़ रुपये से अधिक रकम जमा है। लवली की इसी पर नजर थी, जिसके लिए उसने अपनी मां, भतीजी और भतीजों की हत्या करवाई। इस घटना के बाद अब परिवार में राजबाला के पति राजेंद्र सिंह चंदेश वंश की केवल एकमात्र वारिस शैली बची है। पुलिस ने शैली को कड़ी सुरक्षा प्रदान की है। इसके अलावा तंगोर जिला कुरुक्षेत्र में राजबाला ने 20 किल्ले जमीन खरीद रखी थी, जो दोनों पोतों के नाम पर है। इस जमीन के बारे में उन्होंने किसी को भी नहीं बताया था। शाहपुर में भी राजबाला की 5 एकड़ जमीन है और बाकी जमीन गांव खटौली में है, जोकि राजबाला के नाम पर है। इस तरह कुल मिलाकर 70 किल्ले की मालकिन थीं राजबाला।

राजबाला का एक बेटा उपेंद्र और चार बेटियां अंजना, लवली, बंटी व मंजू हैं। चारों शादीशुदा है। लवली और बंटी एक ही घर में विवाहित हैं। बेटे उपेंद्र की मौत के बाद राजबाला की संपत्ति को लेकर अक्सर लवली एवं मां के बीच झगड़ा रहता था। इसके बाद मामला अदालत में पहुंच गया था। लवली भी राजबाला की संपत्ति में हक मांग रही थी। बताया जाता है कि राजबाला संपत्ति उपेंद्र के चारों बच्चों 18 साल की ऐश्वर्या, 16 साल के दिवांशु, 12 साल के आयुष उर्फ वंश और 10 साल की शैली के नाम करना चाहती थी।

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