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काले धन की दुकान: आयकर छापेमारी में दुकान के बेसमेंट में मिले 300 बेनामी लाकर, एक महीने से नोटों की गिनती जारी

एक महीने से अधिकारी इस दुकान के अंदर ही सोते हैं, रहते हैं और खाते हैं।

अधिकारियों को अभी तक करीब 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बरामद हो चुकी है।

नई दिल्ली । एक छोटी सी दुकान को बैंक बना दिया और बेनामी 300 लाकरों में करोड़ों रूपयों लोगों जमा कर दिये। क्या आप सोच सकते हैं कि एक छोटी से दुकान से करोड़ों कैसे मिल सकता है। जी हां यह सच है, दरअसल दिल्ली के चांदनी चैक में खारी बावली इलाके में स्थित एक छोटी सी मेवे और साबुन की दुकान है जहां आयकर विभाग ने छापेमारी की है। इतना ही नहीं इस दुकान के बेसमेंट से 300 प्राइवेट लाकर्स भी मिले हैं।

सबसे अहम बात यह है कि इनकम टैक्स के अधिकारी ने इस दुकान में 5 नवंबर को छापा मारा था लेकिन अभी तक उन लाकरों से निकले नोटों की गिनती जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 50 करोड़ रुपए बरामद हो चुके हैं। साथ ही अभी कई लाकर खोले जाने हैं जिसमें अभी भी समय लग सकता है। एक महीने से अधिकारी इस दुकान के अंदर ही सोते हैं, रहते हैं और खाते हैं। वे दिन-रात यहीं रहकर कैश की काउंटिंग और जांच कर रहे हैं।

मामला दिल्ली के दिल्ली के चांदनी चैक में खारी बावली इलाके में स्थित एक छोटी सी दुकान का है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई राजहंस सॉप मिल्स प्राइवेट लिमिटेड पर चल रही है। दरअसल, इस छोटी सी दुकान में ड्राई फ्रूट्स और साबुन का कारोबार हो रहा था। लेकिन इसी की आड़ में दुकान के बेसमेंट में करीब 300 प्राइवेट लाकर्स बनाए गए थे। इन लॉकर्स में लोगों के करोड़ों रुपए रखे हुए थे। 5 नवंबर को आयकर विभाग को इसकी जानकारी मिली।

इसके बाद आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम ने वहां पहुंचकर छापेमारी की।जब इनकम टैक्स अधिकारियों ने देखा कि इस छोटी सी दुकान के बेसमेंट में करीब 300 प्राइवेट लॉकर्स बनाए हुए हैं तो वो यह देखकर दंग रह गए। अधिकारियों को अभी तक करीब 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बरामद हो चुकी है। अभी कई लॉकर्स खोले जाने बाकी हैं, कैश की काउंटिंग अभी भी जारी है। लाकर्स जिन लोगों के हैं उनमें से कुछ के बारे में जानकारी मिल चुकी है, जिनसे अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। इसके साथ ही अधिकारी यह भी जानने की कोशिश में हैं कि कहीं ये पैसा हवाला का तो नहीं है।

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