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जहरीली शराब काण्ड : हरेंद्र यादव के रास्ते मुख्य सरगना को नापना कुशीनगर पुलिस के लिए होगा आसान

 मुख्य सूत्रधार के पकड़े जाने पर प्रशासन को मिली राहत   पुलिस को दूसरे सूत्रधारों को भी पकड़ने की चुनौती 

 कुशीनगर। जहरीली शराब काण्ड के मुख्य सूत्रधार को पुलिस ने राजस्थान से ढूढ़ निकाला है। पुलिस उसे रिमांड पर लाकर कई राज खुलवाना चाहती है, जिसको लेकर कयासों का बाजार गरम हो रहा है।सनद हो कि जहरीली शराब कांड के बाद शुरू हुए सियासी जंग के बीच प्रशासन को अपनी साख बचाने और सरकार के काम को शुद्ध बताने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी थी।
हर रोज हो रहे नए खुलासे के बीच कुशीनगर के पुलिस को राजस्थान में बड़ी कामयाबी मिली। इस दौरान उसने जहरीली शराब की खेप को पहुँचाने वाले मुख्य सूत्रधार हरेंद्र यादव, ग्राम रामजीता मटहिनिया, थाना विष्मभरपुर, जिला गोपालगंज, बिहार को राजस्थान पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी हरेंद्र यादव के गिरफ्तारी के बाद कुशीनगर पुलिस उसे रिमांड पर लेकर कुशीनगर लाने की तैयारी में जुट गयी है। उक्त आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने बड़ी राहत ली है। लेकिन उसकी चुनौतियां कम नही हुई है।
जानकर बताते है कि जहरीली शराब कांड के इस सूत्रधार के पकड़े जाने के बाद पुलिस को उसे रिमांड पर लाकर कई राज खुलवाने है। पहला की इस कारोबार का सरगना कौन है, दूसरा इसके अलावे कौन कौन लोग इस कारोबार के सूत्रधार है। तीसरा इसका नेटवर्क कुशीनगर जनपद के किस किस थाने के किस किस जगह पर फैला है, तथा वहाँ कौन कौन लोग इस कारोबार को संचालित करते है। साथ ही उसे इस अहम सवाल का जवाब भी लेना है कि पुलिस विभाग के कौन कौन अधिकारी उसके सम्पर्क में थे।
सूत्रों की माने तो हरेंद्र यादव ही एक ऐसा सूत्रधार नही है, जो अवैध शराब की खेप क्षेत्र के विभिन्न गांवों तक भेजता है, हरेंद्र जैसे आधा दर्जन लोग इस काम को अंजाम देते आ रहे है। जिसके गर्दन तक प्रशासन पहुँचने के लिए कदम बढ़ा चुका है।
इन सूत्रधारों का कौन है सरगना
जहरीली शराब कांड के बाद जो चर्चाएं हो रही है, आज के समय मे वह भी काफी महत्वपूर्ण हो चुका है। जन चर्चाओं का अनुसार इन सूत्रधारों का सरगना कोई और है। और उसको सामने लाये बिना इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की बात बेमानी होगी।
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जानकारों की माने तो इस सूत्रधार के पकड़े जाने के बाद स्थानीय स्तर पर अवैध शराब के कारोबार में लगे लोग भूमगति होने लगे है, उन्हें डर है कि घटना बड़ी है तो प्रशासन कार्यवाही भी बड़ा करेगा।सूत्र बताते है कि प्रशासन भी इस काम को एसआईटी जांच शुरू होने के पहले ही मामले को निपटा देना चाहता है, प्रशासन का मानना है कि उनके जांच से एसआईटी टीम सन्तुष्ट हो गयी तो वह भी अपना जांच इसी आधार पर आगे बढ़ाकर निपटा सकती है। ऐसे में अबतक हो रही दूसरी चर्चाओं पर जहां विराम लग जायेगा। वहीं अगर ऐसा नही हुआ तो कई और ऐसे राज खुल जाएंगे, जो कइयों का चेहरे से नकाब हटा देगा।
सब मिलाकर पुलिस के लिए थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन ………चुनौतियां काम नही…?
एक बात और यहाँ जो आम चर्चा है, उसे भी नजर अंदाज नही किया जा सकता। आम लोगों का मानना है कि अगर सरकार और शासन इस बार चूक गया, तो आने वाले समय में ऐसी या इससे भी बड़ी घटनाएं नही होगी इसका क्या प्रमाण है। लिहाजा प्रशासन को अपने कदम को रोकने के वजाय आगे बढ़ाता रहना होगा।
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