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ईडी ने कुर्क की रॉबर्ट वाड्रा की करोड़ों रुपये की संपत्ति

नयी दिल्ली। बीकानेर के तहसीलदार ने इलाके में जमीन के आवंटन में कथित धोखाधड़ी के बारे में शिकायत की थी जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने प्राथमिकी और आरोपपत्र दायर किये थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने बीकानेर जमीन घोटाले के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा की एक कंपनी की 4.62 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है।

एजेंसी ने कहा, ‘‘कुर्क की गयी संपत्तियों में चार लोगों की 18,59,500 रुपये की चल संपत्तियां और रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी मैसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटलिटी (प्राइवेट) लिमिटेड (अब एलएलपी) के स्वामित्व वाली 4,43,36,550 रुपये कीमत वाली एक अचल संपत्ति, जो नयी दिल्ली के 268, सुखदेव विहार में स्थित है, शामिल हैं।’’ ईडी ने 2015 में सौदे के सिलसिले में आपराधिक मामला दर्ज किया था।

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इस इलाके को भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने की वजह से संवेदनशील माना जाता है। वाड्रा और उनकी मां मौरीन मंगलवार को जयपुर में ईडी के समक्ष पेश हुए थे। कांग्रेस वाड्रा की पत्नी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उनके साथ जांच एजेंसी के दफ्तर तक गयी थीं।

ईडी ने विदेश में कथित तौर पर अवैध तरीके से संपत्तियां खरीदने के मामले में वाड्रा के खिलाफ जांच के तहत उनसे दिल्ली में पिछले सप्ताह तीन दिन तक पूछताछ की थी।

जाने क्या है पूरा मामला ?
ईडी ने 2015 में सौदे के सिलसिले में आपराधिक मामला दर्ज किया था। बीकानेर के तहसीलदार ने इलाके में जमीन के आवंटन में कथित धोखाधड़ी के बारे में शिकायत की थी जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने प्राथमिकी और आरोपपत्र दायर किये थे।

बीकानेर के कोलायत जमीन घोटाले में कथित रूप से फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों ने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर कई संदिग्ध नामों से जमीन आवंटित करा ली। यह जमीन महाजन फील्ड फायरिंग रेंज से विस्थापित होने वाले लोगों को देने के लिए थे. राजस्थान पुलिस ने इस मामले में पहले 18 चार्जशीट दाखिल किए थे और बाद में दो और चार्जशीट दाखिल किए गए थे।

इनके एक आरोपियों में अशोक कुमार भी है जो वाड्रा की कंपनी में काम करने वाले महेश नागर का ड्राइवर था. अशोक कुमार को इस घपले की जानकारी थी. 2010 में वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने 72 लाख रुपये में यहां 69.55 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी और दो साल बाद इसे एक कंपनी एलीगेनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड को 5.15 करोड़ रुपये में बेच दिया था. इस तरह इस सौदे में सात गुना कुल 4.43 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

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