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किसानों की अधिग्रहित भूमि का चार गुना मिले मुआवजा: डॉ प्रवीण भाई

गोरखपुर। आजादी के 70 वर्ष बाद भी देश का अन्नदाता किसान  प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में आत्महत्या करता है तो यह हमारे देश का दुर्भाग्य ही है। किसानों को उनका हक दिलाने एवं उन्हें सम्मान सहित जीने के लिए अवसर प्रदान किए जाने सहित सरकार द्वारा अधिग्रहण किए जाने पर किसानों की जमीन का मुआवजा 4 गुना दिया जाना चाहिए। उक्त बातें राष्ट्रीय किसान परिषद एवं हिंदुस्तान निर्माण दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया ने देवरिया बाईपास स्थित एक लान में आयोजित किसान सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कही।
किसानों की अधिग्रहित भूमि का चार गुना मिले मुआवजा: डॉ प्रवीण भाई
सर्व प्रथम श्री प्रवीण भाई ने गोलघर काली मंदिर पटेल चौक स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। किसान सम्मेलन को मुख्य रूप से जंग बहादुर पटेल राष्ट्रीय महामंत्री राष्ट्रीय किसान परिषद, जगदंबा सिंह पटेल एडवोकेट कुशीनगर, राजकुमार पटेल बस्ती, अशोक सिंह पटेल, राजाराम चौधरी महाराजगंज, रवि पटेल ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजीनियर रामअधार चौधरी ने किया। इंजीनियर भगवान चौधरी कार्यक्रम संयोजक के रुप में आए हुए सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
फसल हमारी, दाम तुम्हारा, नहीं चलेगा नहीं चलेगा का नारा देते हुए किसानों के लिए 12 सूत्री मांगों में
1- किसानों को सभी फसलों पर संपूर्ण लागत का डेढ़ गुना मूल्य सी-टू के हिसाब पर तुरंत मिले।
2- डॉ स्वामीनाथन कमीशन की सभी सिफारिशें तुरंत लागू हो और उनका राजनीतिक लाभ ना लिया जाए।
3- किसानों की सभी कर्जा मुक्त तुरंत हो सिर्फ कागजों पर और प्रचार सभाओं में नहीं इसके लिए किसानों को डिजिटल में उलझाना बंद करें सभी सरकारें।
4- विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीने  और गोचर जमीनों को हाथ लगाना तुरंत बंद करें सभी सरकारें। किसानों की जमीनें हड़प कर उन्हें शहरों में और विकास कामों में मजदूर बढ़ाने की नियत कोई साफ नहीं होती और ऐसा विकास ठीक नहीं।
5- किसी भी कृषि साधन औजार आदि पर जीएसटी ना लगे।

6- किसानों को दिन में संपूर्ण समय बिजली मिले।
7- खेती के लिए पानी अविरल मिले।
8- फसल बीमा की रकम किसानों को हर हालत में समय पर और पूर्ण मिले और उसका हफ्ता किसानों से ना लिया जाए क्योंकि आज किसानों के पास जीने के भी पैसे नहीं कर्जे में डूबा है किसान।
9- खेती में पुरुषों के साथ साथ महिलाएं भी उतनी ही मेहनत करती हैं जितना पुरुष करता है इस लिए जो बीमा पुरुष किसानों को लाभ, कर्जा, सब्सिडी या अन्य लाभ मिल रहा हो वह उनके घरों के किसान महिलाओं को भी मिले।
10- किसान के बेटे बेटियों की फीस माफ हो और उनके गांव में उन्हें पढ़ाई की सुविधा मिले।
11- जंगली जानवरों या छुट्टा पशुओं से खेती का बड़ा नुकसान होता है इस नुकसान का मुआवजा किसानों को मिले।
12- सांप बिच्छू या अन्य जानवरों के कारण कई बार किसानों की मौत होती है, बिजली गिरने से भी मौतें होती हैं ऐसे परिवारों को भी पूर्ण मुआवजा मिले और जहां मौत नहीं होती वहां इलाज की जरूरत होती है ऐसे मे वहां उनकै मुफ्त इलाज मिले।
13- फसल के आयात निर्यात कीमतों में स्थिरीकरण का कानून बनाया जाए ताकि किसानों का अचानक नुकसान ना हो।
14-नकिसान का शरीर खेत में मेहनत कर थक जाता है ऐसे मे उनको साठ वर्ष की अवस्था के बाद किसानों को सरकार पेंशन दें।
सम्मेलन में मुख्य रूप से संजय कुमार, श्याम सुंदर चौधरी, राजेश चौधरी, बृजेश सिंह, शिव नारायण सिंह, सुरेंद्र सिंह सहित हजारों की संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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