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तो कुशीनगरवासी गुरुवार के दिन होली पडने से पनीर व कटल से चलाएंगे काम

रिपोर्ट उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : होली गुरुवार को है, इसलिए लोगों का काम इस बार पनीर व कटहल से चलेगा। गरम मसाले से बनने वाली कटहल की डिश मांसाहारियों का विकल्प बनेगी। मंडी ने भी इसकी तैयारी कर ली है। होली के लिए विशेष तौर पर आधा दर्जन ट्रक कटहल का आर्डर दिया गया है। यह कटहल उड़ीसा व असोम से कुशीनगर जनपद के पडरौना शहर में इस बार की होली में आएगा। हालांकि इन सब के बीच गुरुवार का दिन होली पड़ने पर पनीर का भी डिमांड तेज हो गई है पडरौना नगर के ही छुछिया स्थित गेट पर सजी पनीर से जुड़ी दुकानों पर भी रौनक है, हालांकि पनीर से जुड़े दुकानदार मनोज यादव बताते हैं कि इस बार पनीर की डिमांड ज्यादा होने के लेकर होली के दिन पनीर 300 रुपए किलो तक बिकेगी ।
आम तौर पर होली में बड़े पैमाने पर मांसाहारी डिश का प्रयोग होता है। लोग दिन के हिसाब से इसका प्रयोग करते हैं और आम तौर पर मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को इसका इस्तेमाल नहीं होता। इस बार होली गुरुवार को है, इसलिए इसके विकल्प के रूप में कटहल का इस्तेमाल किया जाएगा। स्थानीय कटहल का उत्पादन होली के बाद ही शुरू होता है। पिछले दो सालों से छोटे साइज का कटहल मार्च में आ जाता है। यह कटहल उड़ीसा व असोम से आ रहा है।
मंडी के थोक कारोबारी हैदर अली राइन ने बताया कि पिछले साल होली भले ही शुक्रवार को पड़ी थी मगर लोगों में इसकी अच्छी खासी डिमांड थी। पांच ट्रक कटहल होली के लिए मंगाए गए थे मगर कम पड़ गए थे। इसलिए इस बार पहले ही मंडी ले इसकी तैयारी कर ली है। होली से दो दिन पहले 12 ट्रक कटहल आ जाएंगे। पडरौना के थोक कारोबारी अब्दुल बताते हैं कि होली पर कटहल की कमी न हो, इसके लिए पहले ही तैयारी कर ली गई है। उड़ीसा व आसोम के कटहल की डिमांड इसलिए अधिक है, क्यों कि इनकी साइज छोटी होती है और इसमें बीज नहीं होता। गरम मसाले में बनाने पर इसका स्वाद बढ़ जाता है।
हर दिन दो ट्रक कटहल की है खपत
पडरौना शहर में सब्जी मंडी के थोक कारोबारियों के अनुसार बाजार में अभी पांच ट्रक कटहल प्रति दिन खपत है। हर दिन इतने कटहल मंडी में आते हैं और बिक जाते हैं। थोक में इनकी कीमत 28 से 30 रूपये प्रति किलो है। बाजार के सूत्रों का कहना है कि होली में खपत बढ़ने पर इसके रेट बढ़ सकते हैं।
ढाई सौ ग्राम से ढाई किलो तक के कटहल
उड़ीसा व असोम से आ रहे कटहल ढाई सौ ग्राम से लेकर ढाई किलो तक के हैं। शुरू से लोग छोटे साइज का कटहल पसंद करते रहे हैं, इसलिए बाहर के किसानों ने छोटे साइज के कटहल तैयार करने शुरू कर दिए हैं। बाजार में आंध्र प्रदेश से भी कटहल आ रहे हैं जो बड़े साइज के हैं। इन्हें बर्फ में रखकर लाया जाता है। यह ढाई किलो से लेकर पांच किलो तक के हैं। इनकी डिमांड उतनी नहीं है, जितनी छोटे साइज के कटहल की।
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