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लोकसभा चुनाव 2019 : गाजियाबाद सीट पर कांग्रेस पार्टी की डॉली शर्मा VS वीके सिंह के बीच होगी चुनावी जंग

गाजियाबाद। लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के मतदान पास है. पहले फेज़ का मतदान 11 अप्रैल को होना है. एनसीआर के गाजियाबाद में भी पहले ही चरण में वोटिंग होगी. गाजियाबाद लोकसभा सीट पर कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा 5 अप्रैल को गाजियाबाद में रोड शो करेंगी और कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा के लिए वोट मांगेंगी। कांग्रेस पार्टी की ओर से डॉली शर्मा दिल्ली से सटी यूपी की गाजियाबाद संसदीय सीट से चुनाव लड़ रही हैं. डॉली शर्मा साल 2017 के निकाय चुनाव में गाजियाबाद मेयर पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी रह चुकी हैं. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी आशा शर्मा को कड़ी टक्कर दी थी, हालांकि वह चुनाव हार गईं थीं।

डॉली शर्मा को 1 लाख 20 हजार वोट मिले थे. डॉली शर्मा के पिता नरेंद्र भारद्वाज कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं और उनके दादा भी कांग्रेसी रहे हैं. डॉली शर्मा का मुकाबला मौजूदा सांसद वीके सिंह से होगा. सीरिया-इराक जैसे देशों में मुश्किल समय में भारतीयों को निकालने में वीके सिंह ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। 2010 से लेकर 2012 तक वह सेना प्रमुख रहे।

वर्ष 2009 में गाजियाबाद सीट पर भाजपा के गृहमंत्री राजनाथ सिंह सांसद थे. वर्ष 2014 में भाजपा की ओर से आखिरी समय में पूर्व सेनाध्यक्ष रहे जनरल वीके सिंह को यहां से टिकट दे दिया गया. उनके खिलाफ कांग्रेस से राजबब्बर, सपा के सुधन रावत और बसपा के मुकुल उपाध्याय मैदान में थे। वीके सिंह ने देश के दूसरे सबसे बड़े रिकार्ड 5 लाख 67 हजार मतों से जीत दर्ज की थी. वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी राज बब्बर समेत सभी की जमानत तक जब्त हो गई थी. मोदी सरकार में वीके सिंह को केंद्रीय मंत्री बनाया गया और उन्होंने विदेश मंत्री का पद संभाला।

उनके सामने एक बार फिर इस सीट से इतिहास दोहराने की चुनौती होगी। गाजियाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी और बीएसपी महागठबंधन ने अपना प्रत्याशी बदल दिया है। यह सीट समाजवादी पार्टी के खाते में है, जिसने पहले सुरेंद्र कुमार मुन्नी को मैदान में उतारा था, लेकिन अब उनकी जगह सुरेश बंसल को टिकट दिया गया। सुरेश बंसल बीएसपी से 2012 में गाजियाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुन गए थे. तब उन्होंने बीजेपी के अतुल गर्ग को करीबी मुकाबले में मात दी थी, लेकिन उनसे ही 2017 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे।

इससे पहले सांसद उम्मीदवार घोषित किए गए, सुरेंद्र मुन्नी भी पूर्व में विधायक रह चुके हैं. राजनीतिक जानकारों की मानें तो गाजियाबाद में एसपी की तुलना में बीएसपी को अधिक समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में सुरेंद्र कुमार ‘मुन्नी’ के स्थान पर बीएसपी के बैकग्राउंड वाले सुरेश बंसल को उतारा गया है. जिस तरह से गाजियाबाद लोकसभा सीट पर तीनों पार्टियों से उम्मीदवार उतारे हैं, इस लिहाज से यहां त्रिकोणीय और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

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