fbpx
jansandesh online,Hindi News, Latest Hindi news,online hindi news portal,hindi news,

जाति के झमेले में फंसे एसपी सिंह बघेल, मंत्री पद और लोकसभा की उम्मीदवारी अब दोनों खतरे में

प्रयागराज । बीजेपी के उम्मीदवार एसपी सिंह बघेल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जाति के झमेले में फंसे एसपी सिंह बघेल का मंत्री पद और लोकसभा की उम्मीदवारी अब दोनों ही खतरे में पड़ती हुई नजर आ रही है।

दरअसल, धनगर जाति के एसपी सिंह बघेल ने यूपी सरकार की जिस नोटिफिकेशन के आधार पर खुद को अनुसूचित जाति का बताते हुए आगरा की लोकसभा और टूंडला की विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा है, उन तीनों नोटिफिकेशन को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्टे कर दिया है। कोर्ट ने इन नोटिफिकेशन को गलत और संविधान के खिलाफ मानते हुए इनके अमल पर रोक लगा दी है।

अदालत के इस फैसले से कैबिनेट मंत्री और बीजेपी उम्मीदवार एसपी सिंह बघेल को बड़ा झटका लगा है क्योंकि उन्होंने जिस टूंडला सीट से विधानसभा और आगरा सीट से लोकसभा के चुनाव लड़े हैं, वह दोनों ही अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं। कोर्ट के फैसले के आधार पर एसपी सिंह बघेल अनुसूचित जाति की बजाय पिछड़े वर्ग में रहेंगे तो दोनों ही सीटों पर हुए चुनाव में उनकी उम्मीदवारी भी गलत हो जाएगी।

हालांकि, कोर्ट ने अभी सिर्फ तीनों नोटिफिकेशन को स्टे ही किया है लेकिन अगर अंतिम फैसले में इसे रद्द कर दिया तो मंत्री बघेल की मुश्किलें और बढ़नी तय हैं। हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है कि अनुसूचित वर्ग में शामिल जातियों में किसी जाति को बढ़ाने या घटाने के मामले में सिर्फ सिर्फ देश की संसद ही फैसला ले सकती है और इस बारे में केंद्र और राज्य सरकारें नोटिफिकेशन के जरिए कोई फेरबदल नहीं कर सकती हैं।

कोर्ट ने इसी आधार पर यूपी सरकार के नोटिफिकेशंस पर रोक लगा दी है। बताते चलें कि 24 अक्टूबर 2013 को यूपी की तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर धनगर जाति को पिछड़े वर्ग से हटाकर अनुसूचित जाति में कर दिया था। 16 दिसम्बर 2016 को भी इसी तरह का एक नोटिफिकेशन जारी किया गया।

इसी आधार पर बीजेपी के तत्कालीन पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एसपी सिंह बघेल ने अपना अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया और साल 2017 के विधानसभा चुनाव में फिरोजाबाद की टूंडला रिजर्व सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा। चुनाव खत्म होने के बाद ही टूंडला सीट से उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बीएसपी उम्मीदवार राकेश बाबू ने इसके खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की।

बाद में धनगर जाति को एससी में शामिल करने के यूपी सरकार के फैसले के खिलाफ कई अन्य अर्जियां भी दाखिल हुईं। इस बीच प्रदेश सरकार ने भी इसी साल 24 जनवरी को नया नोटिफिकेशन जारी कर धनगर जाति को खास तौर पर एससी का जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने का आदेश दिया।

जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस राजेंद्र कुमार की डिविजन बेंच ने तीनों नोटिफिकेशन को गलत माना और इनके अमल होने पर रोक लगा दी। एसपी सिंह बघेल यूपी की योगी सरकार में पशुधन, लघु सिंचाई व मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री है। गड़रिया जाति को ओबीसी से एससी में शामिल करने के शासनादेशों को जौनपुर के राम प्रकाश और आगरा के बलबीर सिंह ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।
%d bloggers like this: