Jan Sandesh Online hindi news website

ममता के नाम ‘जय श्रीराम’, मोदी के नाम जय हिंद, जय बांग्‍ला’ , हजारों पोस्‍टकार्डों का लग गया अंबार

कोलकाता पश्चिम बंगाल में मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच चल रही राजनीतिक जंग ने डाक विभाग के लिए संकट की स्थिति पैदा कर दी है। पिछले कुछ दिनों से साउथ कोलकाता में स्थित कालीघाट पोस्‍ट ऑफिस में हजारों पोस्‍टकार्डों का अंबार लग गया है। इन पोस्‍ट कार्ड्स पर ‘जय श्री राम’ लिखा है और इसे ममता बनर्जी को भेजा गया है। ममता बनर्जी का घर इसी पोस्‍ट ऑफिस के कार्यक्षेत्र में आता है।

डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए पोस्‍टकार्ड बेहद जरूरी होता है, इसलिए यह विभाग की प्राथमिकता है। पोस्‍ट ऑफिस के सूत्रों ने कहा, ‘आमतौर पर सीएम के लिए 30 से 40 पोस्‍टकार्ड और रजिस्‍टर लेटर आते थे। लेकिन अचानक से यह कई गुना बढ़ गया है।’ उन्‍होंने कहा कि ये पोस्‍टकार्ड अब उनके कार्यालय द्वारा प्रतिदिन संभाले जा रहे कुल डाक का 10 प्रतिशत हैं।

और पढ़ें
1 of 611

ममता बनर्जी जब से मुख्‍यमंत्री बनी हैं तब से कालीघाट पोस्‍ट ऑफिस ने ममता बनर्जी के आवास के लिए एक पोस्‍टमैन लगा दिया है। एक कर्मचारी ने कहा, ‘पोस्‍टमैन पत्रों को लेकर प्रतिदिन जाता है और उसे निर्धारित व्‍यक्ति को सौंपकर चला आता है।’ आमतौर पर शांत रहने वाले इस पोस्‍ट ऑफिस ने खुद को ‘जय श्री राम’ के पोस्‍टकार्ड्स के ढेर के लिए खुद को तैयार कर लिया है।

इस बीच रेलवे मेल सर्विस ने भी गुरुवार को सीएम को भेजे गए करीब 4500 पोस्‍टकार्ड अलग किए। उधर, ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस इससे खुश नहीं है और उसने भी पोस्‍टकार्ड का जवाब पोस्‍टकार्ड से देना शुरू कर दिया है। टीएमसी ‘जय श्री राम’ की जगह पर ‘जय हिंद, जय बांग्‍ला’ लिखे पोस्‍ट कार्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज रही है।

टीएमसी के नेता और राज्‍य के खाद्यान्न मंत्री ज्‍योतिप्रियो मुलिक ने कहा, ‘मुख्‍यत: उत्‍तरी 24 परगना, हावड़ा और हुगली के हमारे समर्थक प्रतिदिन आठ हजार पोस्‍टकार्ड भेज रहे हैं। वर्तमान समय में अब पोस्‍टकार्ड की कमी हो गई है और हमने फैसला किया है कि अब पत्र छापे जाएंगे और उसे पीएम मोदी को भेजा जाएगा। हम पीएमओ को इन पत्रों को भेजना जारी रखेंगे।’

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.