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बिहार: बच्चों की मौत का कारण स्वादिष्ट और मीठी लिची ?

नई दिल्ली/मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में संदिग्ध अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम जिसे चमकी बुखार भी कहा जा रहा है की वजह से अब तक 54 बच्चों की मौत हो चुकी है। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी आ गया है. अंग्रेजी वेबसाइट डेली मेल और द गार्जियन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की मौत एक ऐसे जहरीले पदार्थ की वजह से हुई है जो लीची में पाया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक मरने वाले सभी बच्चों में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम के लगभग एक समान लक्षण पाए गए हैं. इन सभी बच्चों के ब्लड सैंपल में शुगर लेवल भी औसत से कम पाया गया है.।

इस साल जनवरी से अब तक कुल 179 संदिग्ध ।म्ै के मामले सामने आ चुके हैं। बच्चों की मौत के लिए लीची को भी दोषी ठहराया जा रहा है। कहा जा रहा है कि बच्चों के खाली पेट लीची खाने से वे इस सिंड्रोम की चपेट में आए। क्या वाकई ऐसा है? क्या लीची खाने से मौत संभव है? जानिए बिहार में हर साल बच्चों की जान का दुश्मन बना अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम है क्या और उसका लीची से क्या कनेक्शन है।

अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम होता क्या है
अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी ।म्ै शरीर के मुख्य नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और वह भी खासतौर पर बच्चों में। इस बीमारी के लक्षणों की बात करें तो…
-शुरुआत तेज बुखार से होती है
-फिर शरीर में ऐंठन महसूस होती है
-इसके बाद शरीर के तंत्रिका संबंधी कार्यों में रुकावट आने लगती है
-मानसिक भटकाव महसूस होता है
-बच्चा बेहोश हो जाता है
-दौरे पड़ने लगते हैं
-घबराहट महसूस होती है
-कुछ केस में तो पीड़ित व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है
-अगर समय पर इलाज न मिले तो पीड़ित की मौत हो जाती है। आमतौर पर यह बीमारी जून से अक्टूबर के बीच देखने को मिलती है।

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फोटो-साभार: सोशल मीडिया

मौत का कारण स्वादिष्ट और मीठी लिची ?
स्वादिष्ट और मीठी लिची किसी की मौत का कारण बन सकती है, इस तर्क पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन लीची खाने में अगर कुछ बातों का विशेष ध्यान न रखा जाए तो यह खतरनाक हो सकती है. खाली पेट और कच्ची लीची खाने से इंसेफलाइटिस का खतरा काफी बढ़ जाता है. यदि आप खाली पेट लीची खाकर सो जाएं तो भी यह खतरनाक साबित हो सकती है. लीची से निकलने वाला जहरीला पदार्थ शरीर में शुगर की औसत मात्रा को कम कर देता है. इसके अलावा कुपोषित बच्चों को भी लीची नहीं खानी चाहिए.

बच्चे खाली पेट लीची न खाएं
बताया जा रहा है कि गर्मी के मौसम में बिहार के मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाके में गरीब परिवार के बच्चे जो पहले से कुपोषण का शिकार होते हैं वे रात का खाना नहीं खाते और सुबह का नाश्ता करने की बजाए खाली पेट बड़ी संख्या में लीची खा लेते हैं। इससे भी शरीर का ब्लड शुगर लेवल अचानक बहुत ज्यादा लो हो जाता है और बीमारी का खतरा रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने माता-पिता को सलाह दी है कि वे बच्चों को खाली पेट लीची बिलकुल न खिलाएं।

lichi फोटो-साभार: सोशल मीडिया
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