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बाढ़ से बिहार में हाहाकार, सैकड़ों गांव बन गये टापू

पटना। बिहार में बाढ़ के कारण कई प्रखंडों सहित दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है. सैकड़ों गांव टापू बन गये हैं। बराज पर प्रतिनियुक्त जल संसाधन विभाग के एसडीओ लाला दास ने कहा कि विभागीय आदेश के तहत सुबह तक के लिए सभी 56 फाटक खोले गये हैं. रविवार सुबह के हालात एवं विभागीय आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी। बिहार के 10 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गयी है। सीतामढ़ी, मोतिहारी, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, अररिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर व पूर्णिया की स्थिति सबसे खराब है।

देर रात कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिये गये. कोसी बराज के ऊपर लाल बत्ती जलायी गयी. अभियंताओं की टीम कोसी बराज पर कैंप कर रही है। वहीं विभिन्न जिलों में बाढ़ में डूबने के कारण अब तक 16 लोगों की मौत होने की सूचना है। शनिवार को गंडक बराज से 2.1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। वहीं रात 12 बजे नेपाल के कोसी बराज से 3.89 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। तिलयुगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण निर्मली नगर पंचायत के तीनों सलुइस गेट पर खतरा मंडराने लगा है।

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अररिया-गललिया एनएच 327 इ पर भी आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है. रात 8 बजे बराह का डिस्चार्ज 234750 क्यूसेक दर्ज किया गया है. कोसी बराज कंट्रोल रूम द्वारा बताया गया कि 15 साल के बाद कोसी के जलस्राव में इस तरह रिकार्ड तोड़ वृद्धि हुई है. उनके अनुसार इससे पूर्व 11 जुलाई 2004 को कोसी का डिस्चार्ज 03 लाख 98 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया था।

कोसी-पूर्व बिहार के जिलों में अब तक 12 लोगों की डूबने से मौत हुई है। बाढ़ का पानी बगहा- बेतिया एनएच 727 पर चैतरवा के समीप दो फुट बह रहा है। सीतामढ़ी के रीगा-मेजरगंज पथ पर इमली बाजार लचका के समीप स्थित पुलिया शनिवार की देर शाम पानी के तेज बहाव में बह गया।

इस दौरान तकरीबन एक दर्जन लोग बीच मझधार में फंस गये। सुप्पी प्रखंड के जमला में तटबंध टूटने व बागमती एवं अधवारा समूह के नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। इससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गये हैं. मुख्य सड़क पर पानी के तेज बहाव व सड़क टूटने के कारण जिले के सोनबरसा, बैरगनिया, सुरसंड, सुप्पी, परिहार व सुरसंड का सीधा सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।

सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड पर गुरहनवां हाल्ट के समीप ट्रैक पर बाढ़ का पानी आ जाने के कारण ट्रेन परिचालन बाधित है। नयी दिल्ली व जालंधर जाने वाली ट्रेन का रूट बदल दिया गया है. वहीं पाटलिपुत्र जाने वाली ट्रेन का परिचालन रद्द कर दिया गया है।

मधुबनी में कमला व भूतही बलान सहित सभी नदियां उफना गयी हैं. जयनगर में कमला का पानी कमला ब्रिज पर चढ़ गया है. भूतही बलान व कमला खतरे के निशान से पांच फुट ऊपर बह रही हैं. झंझारपुर में भी कमला खतरे के निशान से पांच फुट ऊपर बह रही थी। वहीं बाढ़ के कारण अररिया के कुर्साकांटा, सिकटी, पलासी, जोकीहाट व अररिया प्रखंड के एक दर्जन से अधिक पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय से शनिवार की दोपहर तक ठप हो गया. इन प्रखंडों की दर्जनों पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है. कई गांव चारों तरफ पानी फैल जाने के कारण टापू में तब्दील हो गये हैं।

फारबिसगंज अनुमंडल की एक दर्जन से अधिक पंचायतों का भी फारबिसगंज अनुमंडल से संपर्क भंग हो गया है. अचानक आयी आफत की बारिश ने प्रशासन व पीड़ितों को संभलने का मौका नहीं दिया. फटकी चैक से कांशीबाड़ी जाने वाली सड़क को जोड़ने वाली सड़क मदरसा के पास कट जाने से आवाजाही में परेशानी हो रही है। जोकीहाट के पूर्वी छोर पर बने थाकी बांध भी सोंहदर के समीप टूट जाने की सूचना है।

कुर्साकांटा, सिकटी, पलासी प्रखंड व अररिया प्रखंड की एक दर्जन पंचायतों की अंतिम आस बैरगाछी-कुआड़ी पथ पर रामपुर बोची के पास बन रहे पुल के बगल में डायवर्सन भी पानी के तेज दबाव के कारण ध्वस्त हो गया. इधर अररिया-गलगलिया एचनएच 327 ई पर भंगिया व बोरिया डायवर्सन के ऊपर पानी चल रहा है. एबीएम-सिकटी पथ भी पूरी तरह से ठप हो गया है. मदनपुर बाजार में पांच फुट से अधिक पानी बह रहा है।

किसी भी समय दोनों डायवर्सन ध्वस्त हो सकता है. इस वजह से केसर्रा पंचायत के जहानपुर, सतघरा, तरबी पंचायत के डुमरिया, धुरगांव, हरदार, कजलेटा, बाराइंस्तबरार, काकन पार, फरसाडांगी, सतबीटा, भंसिया, चैकता इसरवा सहित अन्य क्षेत्रों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलता जा रहा है.। सुपौल के कुनौली समेत कई स्थानों पर खारो व तिलयुगा नदी तांडव मचा रही है।

बाढ़ से लगभग हजारों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गयी है. वहीं दूसरी ओर लोग कमर भर पानी में बाढ़ के पानी में पार कर लोग कुनौली बाजार जैसे-तैसे आते जाते हैं. बाढ़ का पानी पश्चिमी कोशी तटबंध कार्यालय, कुनौली कोशी प्रोजेक्ट, एसएसबी कैंप कुनौली, जागेश्वर उच्च विद्यालय, कमलपुर, डगमारा सहित कई क्षेत्र में घुस गया है. एसएसबी कैंप सहित डाकघर, भंसार, स्कूल आदि स्थानों का मार्ग अस्त-व्यस्त हो गया है।

पानी का दबाव बढ़ता ही जा रहा है. वहीं निर्मली-कुनौली पथ के तिलयुगा नदी के लोहे पुल के पास बना डायवर्सन पानी में डूब चुका है. कोसी तटबंध के स्पर संख्या 16.98 के समीप कोसी की तेज धारा में आने से एक नाव डूब गयी. हालांकि सभी लोग सकुशल बाहर निकल गये.

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