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चीन हो रहा है व्यापार युद्ध से बुरी तरह प्रभावित: ट्रंप

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ''चीन समझौता करना चाहता है। यह कई दशकों में उनका सबसे बुरा साल है। यह और बुरा होने वाला है। हजारों कंपनियां चीन छोड़ रही हैं। वे समझौता करना चाहते हैं। मैं समझौते के लिये तैयार नहीं हूं। दोनों देशों के बीच पिछले साल नवंबर में व्यापार वार्ता की शुरुआत हुई। अब तक दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई सार्थक परिणाम सामने आ नहीं सका है। हालांकि, दोनों देशों के बीच नवंबर में वार्ता शुरू होने के बाद 100 दिनों के भीतर समझौते पर पहुंचने की सहमति बनी थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि चीन पिछले कई दशकों में सबसे बुरे साल से गुजर रहा है और इस कारण वह व्यापार समझौता करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह व्यापार समझौते के लिये तैयार नहीं हैं। अमेरिका चीन के 250 अरब डॉलर के सामान पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा चुका है। अगले महीने से चीन के शेष 300 अरब डॉलर के सामान पर भी अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क प्रभावी होने वाला है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ”चीन समझौता करना चाहता है। यह कई दशकों में उनका सबसे बुरा साल है। यह और बुरा होने वाला है। हजारों कंपनियां चीन छोड़ रही हैं। वे समझौता करना चाहते हैं। मैं समझौते के लिये तैयार नहीं हूं। दोनों देशों के बीच पिछले साल नवंबर में व्यापार वार्ता की शुरुआत हुई। अब तक दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई सार्थक परिणाम सामने आ नहीं सका है। हालांकि, दोनों देशों के बीच नवंबर में वार्ता शुरू होने के बाद 100 दिनों के भीतर समझौते पर पहुंचने की सहमति बनी थी।

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इससे पहले इसी सप्ताह अमेरिका ने चीन को मुद्रा में हेरफेर करने वाला देश घोषित किया है। पिछले कुछ दिनों के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि उनकी चिंताओं को दूर करने के दिशा में कदम नहीं उठाये गये तो वह चीन के खिलाफ और कार्रवाई करने वाले हैं। ट्रंप अक्सर चीन की वादे और प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने वाले देश के तौर पर आलोचना कर चुके हैं।

 

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