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खतरे में मासूमों की जान, खाई में गिरने से बची खटारा बस, बाल बाल बचे बच्चे

संभल जिले की बहजोई कोतवाली स्थित एंग्लो वैदिक कान्वेंट स्कूल की मिनी बस प्रतिदिन थाना क्षेत्र के कई गांव से बच्चों को लेकर जाती है। शनिवार की सुबह इलाकाई गांव से यह बस स्कूली बच्चों को लेकर बहजोई जा रही थी। तभी करियामई-राजपुर लिंक रोड पर एक साइकिल को बचाने के दौरान बस का स्पिंडल टूट गया। स्पिंडल टूटते ही बस अनियंत्रित होकर खाई को पार कर खेत में जाकर रुक गई। गनीमत यह रही, ड्राइवर के प्रयास के बाद बस खाई में पलटी नहीं।

पुलिस एवं परिवहन विभाग की सरपरस्ती के आगे प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की जिंदगी का कोई मोल नहीं रह गया है। दो दर्जन स्कूली बच्चों को लेकर जा रही खटारा मिनी बस का स्पिंडल टूटने की वजह से खंती को पार कर खेत में पहुंच गई। बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में दौड़े ग्रामीणों ने डरे सहमे बच्चों को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंचे अभिभावकों ने जमकर हंगामा काटा और पुलिस के समझाने के बाद अभिभावक शांत हुए।

संभल जिले की बहजोई कोतवाली स्थित एंग्लो वैदिक कान्वेंट स्कूल की मिनी बस प्रतिदिन थाना क्षेत्र के कई गांव से बच्चों को लेकर जाती है। शनिवार की सुबह इलाकाई गांव से यह बस स्कूली बच्चों को लेकर बहजोई जा रही थी। तभी करियामई-राजपुर लिंक रोड पर एक साइकिल को बचाने के दौरान बस का स्पिंडल टूट गया। स्पिंडल टूटते ही बस अनियंत्रित होकर खाई को पार कर खेत में जाकर रुक गई। गनीमत यह रही, ड्राइवर के प्रयास के बाद बस खाई में पलटी नहीं। हादसे के दौरान बस में मौजूद छात्रों में चीख-पुकार मच गई। घटना का नजारा देख राहगीर एवं खेतिहर इलाके में काम कर रहे लोग मदद को दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बस में चीख पुकार रहे बच्चों को बाहर निकाला। लेकिन सभी के सकुशल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

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अभिभावकों से भिड़ा प्रबंधक
स्कूल बस पलटने पर अभिभावकों में हड़कंप मच गया। तमाम अभिभावक घटनास्थल पर पहुंच गए। स्कूल प्रबंधक को बुलाने की मांग करते हुए अभिभावकों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। प्रबंधक ने मौके पर पहुंचकर अभिभावकों को हड़काना शुरू किया। इसके बाद बात बिगड़ गई। अभिभावक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाकर शांत किया।

जानकारी मिलने पर जागी पुलिस
डीएम एवं एसएसपी के सख्त निर्देश के बावजूद भी थाना पुलिस कभी भी इन स्कूली वाहनों को चेक करने का प्रयास नहीं करती है।  पुलिस की सुस्त व्यवस्था के चलते खुलेआम बच्चों को डग्गामार वाहनों से भी ढोने का काम किया जा रहा है। समय-समय पर अफसरों के निर्देश का पालन करते हुए अगर पुलिस चेकिंग अभियान चलाती होती तो इस तरीके के हादसे सामने नहीं आते। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कर दिया है।

कम रफ्तार से बची जिंदगी
हादसे के दौरान बस की रफ्तार कम बताई जा रही है। अगर बस की रफ्तार तेज होती तब हादसे में बच्चों की जान भी जा सकती थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अभिभावकों ने अपने बच्चों को सीने से लगा लिया।  पुलिस ने बताया कि गाड़ी का परमिट निरस्त करने के लिए आरटीओ को पत्र भेजा जा रहा है। इस मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।

सिफारिश पर भी नहीं मानी पुलिस
स्कूल प्रबंधन अपने ऊंचे रसूख के दम पर मामले को तत्काल रफा-दफा कराने का किया। सफेदपोश नेताओं की सिफारिश के साथ प्रभावशाली लोगों को लाकर पुलिस को समझाने का प्रयास भी किया गया। लेकिन पुलिस ने मामला मीडिया के संज्ञान में आने की वजह से किसी की भी एक नहीं सुनी और पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी।

 

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