Jan Sandesh Online hindi news website

गोमांस और पोर्क के डिलिवरी मामले ने तूल पकड़ा, जमैटो के कर्मचारी गए हड़ताल पर

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के हावड़ा में जबरन बीफ और सुअर का गोश्त डिलिवर कराने पर जमैटो के कई फूड डिलिवरी एग्जिक्युटिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही मामला सामने आया था जिसको लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बहस हुई थी। पश्‍चिम बंगाल में जमैटो के गोमांस और पोर्क के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

जमैटो के डिलीवरी ब्‍यॉय ने उन खानों की बिक्री करने से इनकार कर दिया है, जिनकी उनके धर्मों में मनाही है, इसको लेकर डिलीवरी ब्‍यॉय हड़ताल पर चले गए हैं। पहले यह हड़ताल सोमवार से होनी थी। वहीं इस मामले में पश्‍चिम बंगाल के मंत्री राजीब बनर्जी ने साफ कह दिया है कि कोई भी कंपनी किसी कर्मचारी को जबरन ऐसा काम नहीं करा सकती जो उसके धर्म के खिलाफ हो. यह पूरी तरह गलत है।

और पढ़ें
1 of 898

उन्‍होंने कहा कि उनके पास इस तरह की कुछ सूचनाएं आई हैं, वे पूरे मामले को देख रहे हैं । वहीं डिलीवरी ब्‍यॉय की ओर से कहा गया है कि कंपनी तक अपनी बात पहुंचा दी गई है, लेकिन अब तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है, ऐसा लगता है कि कंपनी उनकी बात नहीं सुनना चाहती. इसके खिलाफ वे एक हफ्ते के लिए हड़ताल पर जा रहे हैं।

दरअसल मामला यह है कि जमैटो के डिलीवरी ब्‍यॉय ने वीफ और पोर्क की डिलीवरी करने से इन्‍कार कर दिया है। दोनों धर्मों के लोगों ने मांग की है कि जमैटो को अपने आर्डर में बदलाव करने की जरूरत है। साथ ही कहा कि कंपनी उनके धार्मिक भावनाओं से खेलना बंद करे। इस पूरे मामले को लेकर हिन्‍दू और मुस्‍लिम दोनों ही धर्मों के डिलीवरी ब्‍यॉय वीफ और पोर्क की डिलीवर नहीं करेंगे।

यह मामला रविवार सुबह उठा और देखते ही देखते इसने तूल पकड़ लिया। कुछ ही देर बाद पश्‍चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्री राजीब बनर्जी सामने आए और कहा कि उनकी जानकारी में यह मामला आया है और वे इसे देख रहे हैं. उनका कहना था कि कोई भी कंपनी बलपूर्वक ऐसा नहीं करा सकती।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

%d bloggers like this: