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स्वाधीनता दिवस समारोह परम्परागत रूप से सादगी व आकर्षक ढंग से मनाया गया।

अब समस्त कार्यालयों में मनाया जायेगा ‘‘आफिस-डे‘‘-जिलाधिकारी।

रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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सुलतानपु।।देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतन्त्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की याद दिलाने वाला 73वाॅ स्वाधीनता दिवस समारोह परम्परागत रूप से सादगी व आकर्षक ढंग से मनाया गया।
इस अवसर पर जनपद में प्रभात फेरियां निकाली गयी, अमर शहीदों व महापुरूषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया, सरकारी व गैर सरकारी भवनों पर रष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा झण्डा अभिवादन के साथ ही राष्ट्रगान का भावपूर्ण गायन भी किया गया। सरकारी कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थाओं में गोष्ठियों का आयोजन कर स्वाधीनता सेनानियों को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय एकता, पंथ-निरपेक्षता एवं साम्प्रदायिक सौहार्द की भावना को बलवती बनाने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फलवितरण, वीर नारियों का सम्मान, वृक्षारोपण आदि कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।

स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने नगर में स्थित महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर कलेक्टे्रट में राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा झण्डा अभिवादन के साथ ही राष्ट्रगान का भावपूर्ण गायन भी किया। इसी प्रकार पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार नें पुलिस कार्यालय व मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन में तथा अन्य जनपदीय अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा झण्डा अभिवादन के साथ ही राष्ट्रगान का भावपूर्ण गायन भी किया।
कलेट्रेट में आयोजित विचार गोष्ठी में जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने स्वाधीनता सेनानियों के बलिदान, जिसके कारण देश को आजादी मिली, को स्मरण करते हुए कहा कि हमारे अनगिनित देशभक्तों तथा अमर बलिदानियों ने जीवन भर संघर्ष करके, अपना सब कुछ न्योछावर कर जो राजनीतिक स्वाधीनता हासिल की थी, उसकी रक्षा करते हुए आर्थिक व सामाजिक स्वाधीनता लाने का दायित्व विशेषतौर पर नई पीढ़ी पर है। उन्होने कहा कि स्वाधीनता संग्राम में सभी समुदाय के महापुरूषों ने अपना बढ़-चढ़कर योगदान दिया है तथा एकता, आपसी सदभाव, भाई-चारे व इंसानियत की भावना को बरकरार रखा। इस राष्ट्रीय पावन पर्व पर हमें उनके कार्यों को आदरपूर्वक स्मरण करना होगा, ताकि समाज में इन्शान और इन्शानियत की अहमियत को बढावा मिलें। पंथ-निरपेक्षता पर प्रकाश डालते हुए जिलाधिकारी श्रीमती इन्दुमती ने कहा कि राष्ट्र और समाज का निर्माण प्रेम तथा सदभावना से होता है, घृणा से नही। मेल-जोल से होगा, वैर भाव से नही। एक दूसरे के धर्म, जाति, विचारों व महापुरूषों का आदर करने से होता है, अनादर से नही।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने शासकीय सेवकों को नसीहत देते हुए कहा कि मानव का जन्म बड़े भाग्य से मिला है। हमारा कर्तव्य है कि सकारात्मक सोंच के साथ हर आम व्यक्ति की समस्याओं निराकरण करना चाहिये। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा पर भी जोर दिया। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने एक नई परम्परा के तहत जनपद के समस्त कार्यालयों में ‘‘आॅफिस-डे‘‘ मनाये जाने की घोषण की तथा कहा कि प्रत्येक कार्यालय में दीपावली से पूर्व इस दिवस को मनाया जायेगा, जिसमें पत्रकार, समाज सेवी, सांस्कृतिक गतिविधियों में रूचि लेने वाले लोगों को आमंत्रित किया जायेगा, ताकि वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके और इस तनावपूर्ण जीवन में खुशहाली का अनुभव कर सके। इस अवसर पर उन्होंने सीड बम प्रोजेक्ट को अपना कर आर्थिक एवं सामाजिक लाभ लेने हेतु जन सामान्य को प्रेरित किया।

गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्ष देव पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) उमाकान्त त्रिपाठी सहित कलेक्ट्रेट परिवार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपने विचार रखे। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल हरिश्चन्द्र द्वारा जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में 30 लोगों का सम्मान किया। जिला कारागर में फलों का वितरण व वृक्षा रोपण भी किया। जिलाधिकारी द्वारा बाराबंकी निवासी राधे नामक कैदी की रिहाई भी की गयी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिसकी जमानत जिला अपराध निरोधक समिति द्वारा पाॅच हजार तीन सौ चैतीस रूपये न्यायालय में अदाकरके ली।

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