Jan Sandesh Online hindi news website

महिलाओं के इवेंट्स पुरुषों से ज्यादा राष्ट्रमंडल खेल-2022 में

राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) की अध्यक्ष डेम लाउइसे मार्टिन ने हालांकि कहा है कि ऐसा सोच कर नहीं किया गया, बल्कि यह इत्तेफाक से हो गया। उन्होंने कहा कि सीजीएफ को यह तब पता चला जब उन्होंने खेलों के पूरे कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। उन्होंने हालांकि इस बात को माना कि यह चीज बहुत पहले उनके दिमाग में चल रही थी। 

बर्मिंघम में 2022 में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की पदक स्पर्धाएं पुरुषों की स्पर्धाओं से ज्यादा होंगी। इन खेलों में हाल ही में महिला क्रिकेट, बीच वॉलीबाल और पैरा टेबल टेनिस को शामिल किया गया है, जिससे महिलाओं की पदकों स्पधार्ओं की संख्या 135 हो गई है। जबकि पुरुषों की 133 है। बर्मिंघम में होने वाला यह पहला आयोजन होगा, जिसमें महिलाओं की पदक स्पर्धाएं पुरुषों से ज्यादा होंगी। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में पिछले साल आयोजित किए गए राष्ट्रमंडल खेलों में दोनों वर्गों में समान पदक स्पर्धाएं थीं।

राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) की अध्यक्ष डेम लाउइसे मार्टिन ने हालांकि कहा है कि ऐसा सोच कर नहीं किया गया, बल्कि यह इत्तेफाक से हो गया। उन्होंने कहा कि सीजीएफ को यह तब पता चला जब उन्होंने खेलों के पूरे कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। उन्होंने हालांकि इस बात को माना कि यह चीज बहुत पहले उनके दिमाग में चल रही थी।

और पढ़ें
1 of 168

उन्होंने कहा, “यह हमेशा से मेरे दिमाग में चल रहा था, क्योंकि हम काफी पीछे थे। जब मैं खेला करती थी तब महिलाओं की सिर्फ दो प्रतिस्पर्धा एथलेटिक्स और तैराकी हुआ करती थीं। लेकिन समय के साथ इसमें बढ़ोत्तरी हुई है।”

उन्होंने कहा, “पदकों में संतुलन बनाए रखना हमारे दिमाग में नहीं था। हमारा ध्यान सिर्फ इस बात पर था कि कौनी-सी स्पधार्एं कार्यक्रम में ठीक बैठेंगी। इसे पूरा करने के बाद जब हमने देखा तो हमें पता चला कि इसमें महिलाओं की पदक स्पधार्एं पुरुषों से ज्यादा हैं। हमें दोबारा देखना पड़ा। पिछले सप्ताह हम इस बात को लेकर सुनिश्चित हुए।”

2022 राष्ट्रमंडल खेलों में महिला क्रिकेट को शामिल किया गया है। क्रिकेट का सबसे छोटा प्रारूप टी-20 इन खेलों में आयोजित किया जाएगा।

 

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.