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अमित शाह ने नरेंद्र मोदी को कहा अब तक के सबसे मजबूत इच्छा शक्ति वाले प्रधानमंत्री

नई दिल्ली
आजादी के बाद से देश ने 17 लोकसभा चुनाव देखे, 22 सरकारें देखीं और 15 प्रधानमंत्री देखे, लेकिन एक चीज जो पीएम मोदी को बाकी प्रधानमंत्रियों से अलग दिखाती है, वह है उनकी मजबूत इच्छा शक्ति। यह कहना है गृह मंत्री अमित शाह का। शाह ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि देश के निर्माण ने सभी सरकारों ने अहम योगदान दिया।

शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 55 साल तक देश पर राज किया, उन्हें पूर्ण बहुमत के साथ 8 मौके मिले, लेकिन 10 कदम भी ऐसे नहीं उठाए गए जिन्हें परिवर्तनकारी शुरुआत के तौर पर गिना जाएगा। उन्होंने कहा कि वाजपेयी सरकार ने स्थिति को बदलने की गंभीर कोशिश की, लेकिन सदन में बहुमत नहीं होने के कारण यह संभव नहीं हो सकता।

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“पीएम मोदी की पहचान उनकी मजबूत इच्छा शक्ति रही है। विपक्ष के विरोध और राज्य सभा में बहुमत न होने के बावजूद उन्होंने अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला लिया। जम्मू-कश्मीर में आतंक ने 41 हजार लोगों को खत्म कर दिया, जबकि केंद्र की मदद का फायदा कुछ परिवारों को ही मिलता था, ये कदम पूरी पीढ़ी को गरीबी में धकेल रहे थे।”-अमित शाह, गृह मंत्री

शाह ने कहा, ‘साल 2014 के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने बदलाव का व्याकरण ही बदल दिया। पिछले 63 महीनों में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से न सिर्फ आम आदमी के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है, बल्कि इनसे देश को भी आगे ले जाने में मदद मिली।

उन्होंने कहा कि इसी तरह से नोटबंदी, जीएसटी, तीन तलाक बिल को खत्म करना, आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक करना, वन रैंक वन पेंशन, डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद बनाना, यूएपीए संशोधन बिल पास कराना और ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देना, समेत कई ऐसे कार्य हैं, जिन्हें न सिर्फ मुश्किल बल्कि असंभव माना जाता था। उन्होंने कहा कि इन सब चीजों ने ही नरेंद्र मोदी को सबसे मजबूत इच्छा शक्ति वाला प्रधानमंत्री बनाया।

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