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“शराब” पूर्ण रूप से “बंद” हो : मिना देवी

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रिपोर्ट विवेक चौबे

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गढ़वा : अगर किसी अप्रिय घटना घटने का वजह है तो वह है शराब ।चाहे वह जुर्म किसी प्रकार का ही क्यों न हो,जैसे- बलात्कार,चोरी,मार-पीट आदि सारे जुर्म का कारण मात्र शराब ही है।शराबी नशे में धुत होकर अपना आपा खो देते हैं,जिससे अप्रिय घटना घटने का चांस 90 प्रतिशत बढ़ जाता है।समाज में कुरीतियां व असामाजिक तत्वों को पनपने में केवल शराब ही मददगार होती है।प्रतिदिन गाड़ी लड़ने की खबर मिलती है,जिसमें अधिकतर शराब के नशे की हालत में ही देखा जाता है।प्रशाशन को अपने कर्तव्य का पालन करते हुए पूर्ण सख्ती अपनाना चाहिए।

अबैध शराब के कारोबारियों व समाज मे फैल रही कुरीतियों को केवल प्रशाशन ही रोक सकती है,क्योंकि प्रशाशन भी तो समाज का अभिन्न अंग है।सरकार के निर्देशानुसार समाज सहित लोगों को सुरक्षित रखना प्रशाशन का ही दायित्व है।सुरक्षा नहीं होने पर प्रायः ऐसा समझा जाता है कि प्रशाशन में कहीं न कहीं कोई दोष अवश्य है।प्रशाशन भी तो समाज व लोगों के भलाई के लिए ही है।

उक्त सभी बातें कांडी प्रखण्ड के मुखिया संघ अध्यक्ष सह सरकोनी पंचायत मुखिया-मिना देवी ने कहा।उन्होंने बताया कि इनदिनों प्रत्येक गांव में अबैध शराब का बिक्री धड़ल्ले से किया जा रहा है। हालाकि 2016 ई. मे सरकोनी पंचायत मुखिया- मीना देबी ने शराब के खिलाफ आवाज उठाया था।सेमोरा गांव मे महिलाओ के साथ एक बड़ी जुलुस निकाल कर लोगों को जागरूक करते हुए शराब भी बंद करा दिया था। सेमोरा,डेमा, सरकोनी नकटा,जमुआ मे शराब बंद हो गया था,किन्तु कुछ ही दिन बीतने के पश्चात शराब फिर से बिक्री होने लगा।पूर्ण रूप से बंद नहीं हो पाया।मुखिया-मिना देवी ने कांडी थाना प्रभारी से मांग किया है कि सेमोरा,सरकोनी,डेमा, नकटा जमुआ के साथ-साथ कांडी प्रखंड के सभी गांवों मे शराब पूर्ण रूप से बंद हो।

मिना देवी ने कहा कि शराबी शराब पीकर अपने ही गांव-घर मे तमाशा बना कर रखते हैं।कभी-कभी तो शराबी शराब के नशे में धुत होकर अपनी बीबी ,बच्चों की पिटाई बेरहमी से करते हैं।साथ ही कहा कि दिन में मजदूरी कर कुछ पैसे कमाते हैं,जिसमें की अपनी मेहनत की आधा से अधिक की कमाई शाम को चंद समय मे शराब पीने में ही खत्म कर देते हैं।ऐसी स्थिति में न तो वे न उनका घर-परिवार आगे बढ़ पाता है।इतनाहीं नहीं बल्कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी ठीक से नहीं करा पाते,जिससे कि उनके बच्चे शिक्षित नहीं हो पाते।

साथ ही कहा कि गांवों में शराब बिकने से पढ़ने-लिखने वाले बच्चों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।यही कारण है कि छोटे उम्र के ही बच्चों में शराब पीने की लत लग जाती है।बच्चों के उज्वल भविष्य की चिंता व समाज मे फैल रहे कुरीतियों को लेकर सरकार से भी मिना देवी ने मांग किया है कि अबैध शराब के कारोबार व कारोबारियों को रोकने व दंडित करने की जरूरत है।जिससे कि लोगों में सुख शांति व समृद्धि का महौल उत्पन्न हो सके।

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