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ये हैं आपके अधिकार भारतीय रेल में सफर के दौरान

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रेल में सफर का अपना मजा है, लेकिन कभी-कभी इस सफर में कुछ परेशानियां भी आ जाती हैं। ये परेशानियां तब कम हो सकती हैं जब आपको रेलवे में मिलने वाले अपने अधिकारों और सुविधाओं की पूरी जानकारी हों। ऐसे तमाम अधिकार हैं, जिनके बारे में बहुत-से पढ़े-लिखे लोगों को भी पता नहीं होता। तो आइए जानते हैं क्या-क्या हैं आपके अधिकार।

टिकट बुक न हो पाए तो…

अगर कभी जल्दबाजी में कहीं जाना हो और टिकट बुक न हो पाए तो सिर्फ प्लैटफॉर्म टिकट के साथ ट्रेन में चढ़ सकते हैं। इसके बाद टीटीई (ट्रेन टिकट इग्जैमनर) के पास जाकर टिकट बनवा लें। सीट खाली होने पर आपको सिर्फ रिजर्व्ड टिकट लेने के लिए पैसे देने पड़ते हैं, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि सीट खाली न होने पर अगर आप बैठते हैं तो पेनल्टी वसूली जाएगी।

ये-ये काम टीटीई के जिम्मे हैं
– आरएसी टिकट वाले यात्रियों को आधी बर्फ मुहैया कराना
– लंबी यात्रा के दौरान किसी सुपरफास्ट ट्रेन में लगातार गेट खुला हो तो उसे बंद करवाना
– अगर ट्रेन में कोई महिला अकेली यात्रा कर रही है तो खाली होने पर उसके बगल में सिर्फ किसी महिला को ही सीट देना
– ट्रेन में पानी खत्म हो जाने पर अगले स्टेशन पर ट्रेन में पानी भरवाना
– टॉइलट गंदा होने की स्थिति में उसे साफ करवाना
– ट्रेन में पंखे और लाइट खराब होने पर उन्हें ठीक करवाना
– एसी सही से काम न कर रहा हो तो उसे ठीक करवाना

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ऐसे में मिलेगा तत्काल से भी रिफंड
इसके बारे में बेहद कम लोग जानते हैं, जबकि नुकसान बहुत लोगों का होता है। कन्फर्म तत्काल टिकट को आप वैसे कैंसल नहीं कर सकते, लेकिन कुछ खास हालात में इसके बदले रिफंड ले सकते हैं।
– ट्रेन अगर 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है और इस वजह से आप उसमें सफर नहीं कर पाते
– बंद की वजह से, रेल रोको और बाढ़ समेत अन्य दूसरी वजहों से अगर ट्रेन कैंसल हो जाए
– ट्रेन को अगर तय रूट पर नहीं, दूसरे रूट पर चलाया जाए और यात्री का स्टेशन उस रूट पर न हो

कुछ और खास बातें
– ई-टिकट बुक करने वाले पैसेंजर्स 24 घंटे पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। यह भी ध्यान रहे कि इसे एक बार ही किया जा सकता है।
– अगर टिकट एसी क्लास का है और रेलवे की वजह से स्लीपर में सफर करना पड़ रहा है तो रिफंड क्लेम कर सकते हैं। अगर एसी कोच में एसी खराब होता है तो रिफंड क्लेम किया जा सकता है।
– आपके नाम से जारी कन्फर्म टिकट पर आपके माता-पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी और आपका जीवनसाथी सफर कर सकता है। इसके लिए आपको टिकट ट्रांसफर कराना होगा। जहां से ट्रेन चलेगी उसी स्टेशन पर आपको 24 घंटे पहले चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास रिक्वेस्ट देनी होगी। यात्री इसका फायदा तभी उठा सकते हैं जब उसके स्टेशन से ही ट्रेन शुरू होती हो या मूल स्टेशन उसके शहर के आसपास ही हो।
-हर ट्रेन में फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा होती है। ऐसे में शारीरिक रूप से कोई भी परेशानी होने पर आप फर्स्ट एड बॉक्स मांग सकते हैं। यह बॉक्स आपको टीटीई या ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मचारी से मिल सकता है। यह सर्विस फ्री है।
– अगर आपने ऑनलाइन टिकट लिया हो और आपके पास न टिकट हो और न ही मेसेज तो भी आप सफर कर सकते हैं। आपके पास बस वैलिड आई कार्ड (आधार, पैन कार्ड, डीएल आदि) होना चाहिए और अपनी सीट और बोगी नंबर पता होनी चाहिए।

नोट: अमूमन रिजर्वेशन वाली हर तीन-चार बोगी के लिए एक टीटीई रहता है। अगर बोगी एसी है तो एक अटेंडेंट भी होता है। बोगी में सही सर्विस की जिम्मेदारी उसकी है। अगर वह अपना काम सही ढंग से नहीं कर रहा है तो इसकी शिकायत आप टीटीई से कर सकते हैं। इसी तरह अगर टीटीई आपकी बात नहीं मान रहा है तो उसके पास एक शिकायत पुस्तिका होती है, उसमें आप अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। कई बार टीटीई शिकायत पुस्तिका देने के लिए तैयार नहीं होता। ऐसे में आप अपनी शिकायत आने वाले किसी भी अगले स्टेशन के स्टेशन मास्टर के पास कर सकते हैं। या आप @RailMinIndia को टैग कर ट्वीट कर सकते हैं। यह रेलवे मंत्रालय का ट्विटर हैंडल है। यहां अमूमन मदद मिल जाती है। इसके अलावा रेल मंत्री पियूष गोयल का @PiyushGoyal ट्विटर हैंडल है। इन्हें भी टैग कर सकते हैं।

  • रेलवे का हेल्पलाइन नंबर: 139 (इस पर आपको ट्रेन के आगमन-प्रस्थान की पूरी जानकारी मिलेगी।

– आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) से मदद के लिए नंबर: 182 (इस पर अपनी सुरक्षा के लिए सहायता मांग सकते हैं।

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