Jan Sandesh Online hindi news website

अमीबा खा रहा है स्विमिंग के वक्त संपर्क में आई 10 साल की बच्ची के ब्रेन को

0

टेक्सॉस के फोर्ट वर्थ में एक 10 साल की बच्ची के दिमाग में ऐसा अमीबा प्रवेश कर गया है, जो धीरे-धीरे उसके दिमाग को खा रहा है। तेज सिरदर्द और बुखार के बाद अब बच्ची कोमा की स्थिति में है। डॉक्टर्स उसकी बेहतरी के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। यूएस में 1962 से लेकर अब तक इस तरह के अमीबा के शिकार हुए 145 लोगों में से केवल 4 लोग ही जीवित बच पाए हैं। पीड़ित बच्ची लिली के सौतेले पिता प्रार्थना कर रहे हैं कि उनकी बेटी पांचवी ऐसी खुशकिस्मत इंसान बने।

टेक्सॉस के कुक चिल्ड्रन्स मेडिकल सेंटर में 10 साल की लिली को मंगलवार को तब हॉस्पिटल में लाया गया जब तेज सिरदर्द और बुखार के बाद वो बेहोशी में बड़बड़ा रही थी। फिलहाल बच्ची कोमा की स्थिति में है और मौत से जीवन के लिए लड़ाई लड़ रही है। लिली का ट्रीटमेंट कर रहे डॉक्टर्स का कहना है कि लिली नेगलेरिया फाउलरली नाम के एक सिंगल सेल लिविंग ऑर्गेनिज़म यानी एकल-कोशिका वाले जीवित जीव के संपर्क में आ गई है। जो आमतौर पर साफ और ताजे पानी में पाए जाते हैं। ये अमीबा मनुष्यों को संक्रमित करते हैं।

और पढ़ें
1 of 103

सेंट्रल ऑफ डिज़ीज कंट्रोल के अनुसार, लोग इस तरह के अमीबा के शिकार स्विमिंग के दौरान होते हैं। जब नेगलेरिया फाउलरली उनकी नाक में प्रवेश करके उनके दिमाग तक पहुंच जाता है और दिमाग के टिश्यूज़ को खाना शुरू कर देता है। इस तरह के अमीबा के संपर्क में आनेवाले लोगों के जीवित ना रहने की संभावाना 97 प्रतिशत तक होती है।

लिली के परिवार के अनुसार, लिली अपने पैरंट्स और फैमिली के साथ उनके घर के पीछे बह रही ब्रजोस नदी में स्विमिंग कर रही थी। उस समय वहां करीब 40 लोग स्विमिंग इंजॉय कर रहे थे। घर के ठीक पीछे की तरफ होने के कारण लिली अक्सर इस नदी में स्विमिंग किया करती थी। लेकिन इस बार स्विमिंग के बाद उसके सिर में तेज दर्द शुरू हुआ और फिर काफी तेज बुखार के कारण वह बेहोशी की हालत में चली गई। हॉस्पिटल लाए जाने के बाद लिली को मिल्टेफोसिन नामक अमीबा से लड़ने वाली टैबलेट दी गई। डॉक्टर्स और फैमिली उसकी बेहतरी के लिए दुआ कर रहे हैं।

डॉक्टर्स का कहना है कि अगर आप एकदम फ्रेश और साफ दिखनेवाले पानी में भी तैराकी कर रहे हैं तो नोज़ क्लिप या मास्क पहनकर ही करें। कोशिश करें कि आप ज्यादा देर तक अपने सिर को पानी के अंदर ना डुबोकर रखें। क्योंकि यह अमीबिया नाक के जरिए दिमाग में प्रवेश करता है और फिर दिमाग की नसों को डैमेज करने लगता है।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.