Jan Sandesh Online hindi news website

24 घंटे में दिल्ली पहुंचकर दें ट्रायल-SAI का जिम्नास्टों के लिए ‘तुगलकी’ फरमान

0

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने अपने एक फरमान से देश भर के जिम्नास्टों को परेशानी में डाल दिया है। साई ने बीते शनिवार की रात को एक पत्र जारी करके कहा है कि वर्ल्ड आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप्स (WAGC) में हिस्सा लेने के इच्छुक जिम्नास्ट सोमवार को दिल्ली में ट्रायल देने पहुंचे। दरअसल, भारत को 4 से 13 अक्टूबर के बीच चैंपियनशिप्स में हिस्सा लेना है।

शनिवार रात जारी किया पत्र, सोमवार सुबह पहुंचों दिल्ली
खेल मंत्रालय ने 11 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ (FIG) को पत्र लिखकर भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्षता वाली समिति को वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए टीम चुनने की अनुमति देने की मांग की थी। मंत्रालय को अनुमति कब मिली, इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन, ट्रायल के लिए लेटर शनिवार रात को जारी किया गया। गौरतलब है कि जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया को सरकार ने बैन कर रखा है।

और पढ़ें
1 of 220

एक दिन में दिल्ली कैसे पहुंचेंगे जिम्नास्ट
एक सीनियर जिम्नास्ट ने बताया, ‘मुझे रात को नौ बजे लेटर मिला कि सोमवार सुबह आठ बजे ट्रायल के लिए आना है। लेटर देखते ही मैं हैरान रह गया। मैं लाख कोशिशों के बावजूद ट्रेन से निर्धारित समय पर दिल्ली नहीं पहुंच सकता। फ्लाइट का टिकट अफोर्ड कर पाना मुश्किल है। मैं अपनी बात राज्य अधिकारियों के पास भी नहीं रख सकता क्योंकि अगले दिन रविवार था और ऑफिसों में छुट्टी थी। ऐसे में मैं इस ट्रायल में हिस्सा नहीं ले पाऊंगा।’

अधिकारी का अटपटा जवाब
इस पूरे मामले में जब साई की रिजनल डायरेक्टर राधिका श्रीमन से पूछा गया तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा, ‘जो भी फैसला हुआ है वह ऊपर लेवल पर लिया गया है। हमें 16 तारीख तक हर हाल में टीम की लिस्ट भेजनी थी इसलिए हमने 15 तारीख का समय निर्धारित किया।’ उनसे जब पूछा गया कि अगर समय इतना कम था तो फिर खिलाड़ियों को फ्लाइट की सुविधा क्यों नहीं दी गई। इस पर उन्होंने कहा, ‘अच्छा यह नहीं होता कि मैं खुद ही ट्रायल दे देती।’

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: