Jan Sandesh Online hindi news website

पुरुषों के लिए खुशखबरी, अब मिलेगी विशेष शिक्षक भर्ती में उम्रसीमा में छूट

0

मूक, बधिर, दृष्टिहीन और मानसिक रूप से कमजोर छात्रों को समुचित शिक्षा देने के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में अब महिलाओं की तर्ज पर पुरुषों को भी अधिकतम उम्रसीमा में छूट मिलेगी। उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए उपराज्यपाल ने विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में पुरुषों को भी अधिकतम उम्रसीमा में छूट देने को मंजूरी दे दी है।

दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने उपराज्यपाल के फैसले की जानकारी उच्च न्यायालय और दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को दी है। उपराज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का हवाला देते हुए पुरुषों को भी अधिकतम उम्रसीमा में छूट को मंजूरी दी है।

और पढ़ें
1 of 1,410

दो जुलाई को सुनाया था फैसला : जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की पीठ ने इस वर्ष 2 जुलाई को फैसला देते हुए सरकार को विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में पुरुषों को भी अधिकतम उम्रसीमा में छूट का निर्देश दिया था। पीठ ने आदेश के बावजूद इस बारे में उचित निर्णय नहीं लेने पर सरकार की खिंचाई की थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि उचित योग्य अभ्यर्थियों की काफी कमी है। ऐसे में शैक्षणिक योग्यता व विशेषता को उचित तरजीह दी जानी चाहिए और अन्य तरीकों से योग्य अभ्यर्थियों को उम्रसीमा में छूट देनी चाहिए।

2013 में विशेष शिक्षकों की भर्ती निकली थी : उच्च न्यायालय के निर्देश पर दिल्ली सरकार और निगमों ने वर्ष 2013 में स्कूलों में विशेष शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। तय सीमा से अधिक उम्र होने के कारण सभी निर्धारित योग्यता होने के बावजूद सैय्यद मेहंदी आवेदन करने से वंचित रहे थे। उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायधिकरण में याचिका दाखिल कर महिलाओं की तरह पुरुषों को भी छूट देने की मांग की। न्यायाधिकरण से राहत नहीं मिलने *पर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय ने 2017 में सरकार को विचार करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोबारा से मेहंदी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

अब भी 2000 पद खाली : तमाम कवायदों के बावजूद सरकारी और नगर निगमों के स्कूलों में विशेष शिक्षकों के अब भी करीब 2000 पद खाली है। अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने बताया कि लगभग 1200 से अधिक नगर निगमों के स्कूलों और 800 सरकारी स्कूलों में विशेष शिक्षकों के पद *खाली हैं।

यह है मामला 
अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से दाखिल याचिका में शैयद मेहदी ने महिलाओं की तर्ज पर पुरुषों को भी विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में अधिकतम उम्रसीमा में 10 साल की छूट देने की मांग की थी। पीठ ने इस याचिका का निपटारा करते हुए मेहदी के साथ-साथ सभी युवाओं को उम्रसीमा में छूट का आदेश दिया था।

छह वर्ष कानूनी जंग लड़ी
विशेष शिक्षक बनने के लिए सैय्यद मेहंदी केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण से लेकर उच्च न्यायालय तक वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ी। छह साल की लंबी जंग के बाद सैय्यद मेहंदी ने न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि हजारों युवाओं के हक की लड़ाई जीती है। न्यायालय के अंतरिम आदेश पर भर्ती परीक्षा में शामिल होकर सफल हुए मेहंदी को उपराज्यपाल ने विशेष शिक्षक नियुक्त करने का भी निर्देश दिया है।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.