Jan Sandesh Online hindi news website

‘ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड’ से करेंगे पीएम मोदी को अब बिल गेट्स सम्मानित

0
इस दौरान वह ब्लूमबर्ग ग्लोबल बिजनस फोरम में वैश्विक नेताओं और कॉर्पोरेट अधिकारियों को भी संबोधित करेंगे। फाउंडेशन ने बताया कि मोदी को 2019 का ‘ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड’ प्रदान किया जाएगा। फाउंडेशन के अनुसार इस पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे राजनीतिक नेता को विशेष सम्मान प्रदान करना है, जिन्होंने अपने देश में या विश्व स्तर पर प्रभावशाली कार्यों के माध्यम से ग्लोबल गोल्स के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

मोदी को स्वच्छ भारत मिशन में उनके नेतृत्व के लिए सम्मानित किया जाएगा, जिसे उन्होंने 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया था। महत्त्वाकांक्षी मिशन का लक्ष्य देशभर में स्वच्छता को बढ़ावा देना है। इस मिशन का उद्देश्य महात्मा गांधी को उनकी 150 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि स्वरूप देश में सार्वभौमिक स्वच्छता कवरेज को हासिल करने के प्रयासों में तेजी लाना है। 2 अक्टूबर, 2019 तक खुले में शौच को खत्म करने के लिए अब तक 9 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं और वर्तमान में ग्रामीण स्वच्छता कवरेज भारत के 98 प्रतिशत गांवों तक पहुंच गया है, जो चार साल पहले तक महज 38 प्रतिशत ही था।

फाउंडेशन 24 सितंबर को चौथे वार्षिक गोलकीपर्स ग्लोबल गोल्स अवार्ड्स का आयोजन करेगा। फाउंडेशन ने कहा, ‘हम मोदी को भारत में 50 करोड़ से अधिक लोगों को स्वच्छता प्रदान करने के लिए अपना वार्षिक गोलकीपर्स ग्लोबल गोल्स पुरस्कार प्रदान करेंगे।’

उल्लेखनीय है कि दक्षिण एशियाई मूल के अमेरिकियों के एक समूह ने फाउंडेशन को एक खुला पत्र लिखकर कथित मानवाधिकार के उल्लंघन का हवाला देते हुए पीएम मोदी को यह पुरस्कार देने की आलोचना की और इसे वापस लेने की मांग की। वहीं, फाउंडेशन ने कहा, ‘स्वच्छ भारत मिशन से पहले, भारत में 50 करोड़ से अधिक लोगों को स्वच्छता तक पहुंच नहीं थी और अब, उनमें से अधिकांश स्वच्छता के दायरे में आ गए हैं। अभी भी लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन भारत में स्वच्छता अभियान के प्रभाव पहले से ही दिख रहे हैं।’

फाउंडेशन ने बयान में कहा, ‘स्वच्छ भारत मिशन दुनिया भर के अन्य देशों के लिए एक उदाहरण के तौर पर काम कर सकता है, जिन्हें दुनिया भर में गरीब लोगों के लिए स्वच्छता में सुधार करने की तत्काल आवश्यकता है।’

गेट्स फाउंडेशन के बयान में कहा गया, ‘हम उन विशिष्ट मुद्दों पर काम करते हैं, जहां हमें लगता है कि हम दुनिया के सबसे गरीब लोगों के जीवन में सबसे अधिक बदलाव ला सकते हैं।’

और पढ़ें
1 of 1,559
You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.