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वाराणसी में घरो में घुस रहा बाढ़ का पानी, गंगा पहुंची खतरे के निशान के पास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा और वरुणा का जलस्‍तर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जहां जलस्‍तर खतरे के निशान से महज 16 सेंटीमीटर दूर रह गया। वहीं बुधवार की सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 71.24 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर दूर था। दूसरी तरफ प्रयागराज की स्थिति भी भयंकर हो गई है। यहां घरों के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया है। आलम यह है कि लोगों ने यहां से पलायन शुरू कर दिया है। लोग अपने घरों का सामान लेकर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जा रहे हैं।

बाढ़ से प्रभावित इलाकों में हजारो लोग बेघर हो गए हैं। लोगों का पलायन तेज हो गया है। गंगा के साथ तेजी से बढ़ रहे वरुणा के जलस्‍तर से शहर के कई इलाकों में जनजीवन अस्‍त-व्‍यस्‍त हो गया है। 53 गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। इस बीच तेज बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी है। बाढ़ के चलते शहरी इलाके में गंगा और वरुणा से जुड़े नाले ओवरफ्लो हो गए हैं तो ड्रेनेज व्‍यवस्‍था भी ध्‍वस्‍त होने लगी है। बारिश के चलते सड़कों पर जमा पानी नहीं निकल पा रहा है। वहीं सीवेज ओवरफ्लो होने से सीवर और बाढ़ का पानी जगह-जगह भरने लगा है।
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दुकानदारों के बीच दहशत
गंगा किनारे शीतला घाट की ओर से शहर में प्रवेश करने के बाद बाढ़ के पानी का फैलाव दशाश्‍वमेध के चितरंजन पार्क तक हो गया है। नाली के रास्‍ते आगे गोदौलिया की ओर बढ़ने से बाजार के दुकानदारों में दहशत फैल रही है। वहीं शहरी इलाके में सामनेघाट, नगवां, साकेतनगर, भगवानपुर तक का इलाका बाढ़ के पानी में डूब गया है। इन इलाकों की दो दर्जन कॉ‍लोनियों में रहने वाले कैद होकर रह गए हैं।

बाढ़ प्रभावित लोगों को लाने और ले जाने के लिए प्रशासन ने नावें उतारी हैं, ले‍किन संख्‍या ज्‍यादा होने से पीड़ित परेशान हैं। बाढ़ का ज्‍यादा असर वरुणा के तटवर्ती इलाकों में दिख रहा है। यहां घरों में चार से छह फीट तक बाढ़ का पानी लगा है। नदी के रौद्र रूप से निचले इलाकों में हड़कंप मचा है।

सुरक्षित स्थानों पर ले जाए जा रहे लोग
प्रयागराज में 600 से अधिक लोग प्रशासन की ओर से बनाये गए बाढ़ शिविरों में शरण लिए हुए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बाढ़ में फंसे बच्चे, बूढ़े और महिलाओं को घरों से निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लगातार भेजा जा रहा है।

अलर्ट जारी, बढ़ाए गए शिविर
फाफामऊ में जलस्तर 84.44 और छतनाग में 83.70 मीटर रेकॉर्ड किया गया है। वहीं नैनी में यमुना नदी का जल स्तर 84.32 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर खतरे के निशान 84.734 मीटर के काफी करीब है। दोनों नदियों का जलस्तर 2 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले एक सप्ताह नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत भरे होने वाले हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 31 बाढ़ शिविर खोले हैं।

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