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मौसम के हिसाब से तेल और मसाज का सही तरीका देते है हजार फायदे, जानें….

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आयुर्वेद और नैचरोपथी में मालिश को बेहद अहम माना गया है। इसे कई बीमारियों के इलाज में प्रभावी माना जाता है। यह तन-मन को नई ताजगी देता है। मालिश के लिए मौसम और तेल, दोनों की भूमिका अहम होती है। मौसम के अनुसार, मालिश के लिए जरूरी जरूरी तेल और तरीके, दोनों बदल जाते हैं।

सर्दी: सर्दी के मौसम में इसे बेहद गुणकारी माना गया है। सुबह के समय धूप निकलने के बाद मालिश करानी चाहिए। सर्दियों में मालिश के लिए तिल के तेल का इस्तेमाल करें। दरअसल, तिल के तेल से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही यह त्रिरोग (वात, पित्त और कफ) नाशक का भी काम करता है।

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गर्मी: गर्मी में मालिश के लिए नारियल का तेल या गाय का घी इस्तेमाल करना चाहिए।

मॉनसून: बेहतर होगा कि मॉनसून में बॉडी मसाज से बचें, लेकिन अगर इलाज के लिए जरूरी हो तो कुछ बातों का ध्यान रखें। बारिश हो रही हो तो मालिश न कराएं और मालिश तभी कराएं जब धूप निकल रही हो। तिल के तेल को इस मौसम में परफेक्ट माना जाता है।

ऐसे करें मालिश
• सबसे पहले सिर की मसाज करनी चाहिए। ध्यान रहे कि मालिश हल्के-हल्के हाथों से करें। सिर के साथ ही चेहरे की भी मालिश करें। इसके बाद हल्के हाथों से गर्दन पर मालिश करें।

• गर्दन के बाद कंधों पर गोल-गोल तरीके से मालिश करें। फिर हाथों पर उंगलियों की दिशा में मालिश करें। कोहनियों और कलाइयों पर भी गोल-गोल मसाज करें।

• इसके बाद शरीर के आगे के हिस्से (सीना और पेट) की मालिश करें। यहां ज्यादा जोर न लगाएं। आगे के हिस्से में महत्वपूर्ण अंग जैसे दिल, फेफड़े आदि होते हैं। इसलिए आगे की ओर ज्यादा देर तक मसाज नहीं करनी चाहिए।

• कमर पर नीचे से ऊपर की ओर मालिश करना बेहतर माना जाता है। कमर पर मालिश के दौरान उंगलियों से थोड़ा दबाव बनाना बेहतर रहता है।

• टांग पर मालिश जांघ से पैर की ओर करनी चाहिए। घुटनों पर गोल-गोल मालिश करें। तलुवों पर ऐड़ी से उंगलियों की ओर मसाल करें।

• सिर की मसाज के लिए रूम टेम्प्रेचर पर रखे तेल और बाकी हिस्सों के लिए गुनगुने तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।

• मालिश कराने के करीब 15 मिनट बाद नहाया जा सकता है। नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। साबुन की जगह उबटन लगाएं।

• उबटन बनाने के लिए 1 छोटा चम्मच जौ या चोकर, आधा छोटा चम्मच बेसन, चौथाई छोटा चम्मच हल्दी और चौथाई छोटा चम्मच चंदन पाउडर लें। इसमें दही या गुलाब जल या साधारण पानी मिलाकर घोल बना दें। उबटन को शरीर पर रगड़ें और फिर पानी से धो दें। इसके बाद साफ तौलिए से शरीर पोंछ लें। नहाने के करीब 15 मिनट बाद ब्रेकफस्ट करें। ब्रेकफास्ट में हल्का खाना जैसे दलिया, पोहा, स्प्राउट आदि खाएं। बाद में अपनी रुटीन दिनचर्या शुरू कर दें।

मालिश कई बीमारियों की दवा होती है। नियमित रूप से मालिश करने-कराने से न केवल शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं बल्कि शरीर की रंगत भी निखरती है।

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