Jan Sandesh Online hindi news website

पटाखे बनाने का घरों में अवैध तरीके से कारोबार

0
Share

रायबरेली। दीवाली का पर्व करीब है। ऐसे में पटाखे बनाने का काम बहुत तेजी से हो रहा है। जो लाइसेंस धारक हैं, वे तो नियम कानूनों का पालन कर रहे हैं, मगर बिना लाइसेंस वाले चोरी छिपे अपने ही घरों में अवैध तरीके से ये काम कर रहे हैं। जब कभी विस्फोट होता है, जनहानि होती है तो सच सामने आता है। अन्यथा की स्थिति में सब पहले की तरह ही चलता रहता है। जनपद में करीब एक सैकड़ा स्थायी लाइसेंस धारी हैं जिन्हें पटाखा और बेचने की अनुमति है। पर्व के वक्त अस्थायी लाइसेंस जारी होते हैं, जिनकी संख्या लगभग तीन सौ तक पहुंच जाती है।

और पढ़ें
1 of 819

इन्हें सिर्फ पटाखा बेचने का अधिकार दिया जाता है। अब बात करते हैं अवैध रूप से रिहायशी बस्तियों में पटाखा बनाने और बेचने की। खासकर ग्रामीणअंचल में ये काम धड़ल्ले से होता है। तेज आवाज में फूटने वाले पटाखे बिना अनुमति बनाए और बेचे जाते हैं वो भी चोरी छिपे। आसपास के लोग भी क्योंकि वहीं से पटाखे लेते हैं, इसलिए इस तरह अवैध कारोबार चलने की जानकारी पुलिस और प्रशासनिक अमले तक नहीं पहुंच पाती है। उन गांवों में जहां स्थायी लाइसेंस धारी रहते हैं, वहां कुछ ज्यादा ही अवैध तरीके से ये काम होता है।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।
%d bloggers like this: