Jan Sandesh Online hindi news website

अयोध्या फैसला : CM योगी से लेकर पूरा प्रशासनिक हाई अलर्ट पर, योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला अधिकारियों के साथ की बैठक

लखनऊ/अयोध्या । अयोध्या मामले पर जैसे-जैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे यूपी में सियासी हलचल तेज हो रही है। राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसला सुनाने से पहले योगी सरकार से लेकर पूरा प्रशासनिक हाई अलर्ट पर है। इसी बीच सीएम योगी [...]
0

लखनऊ/अयोध्या । अयोध्या मामले पर जैसे-जैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे यूपी में सियासी हलचल तेज हो रही है। राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसला सुनाने से पहले योगी सरकार से लेकर पूरा प्रशासनिक हाई अलर्ट पर है। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर बैठक की है। अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर तक अपना फैसला सुना सकता है। इसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश और उससे सटे मध्य प्रदेश में भी व्यवस्था चाकचौबंद कर दी गई है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थितियों को लेकर गुरुवार को एक समीक्षा बैठक की। इसमें डीजीपी ओपी सिंह, मुख्य सचिव, गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम के साथ विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बैठक की।

और पढ़ें
1 of 557

सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसले के मद्देनजर अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इतना ही नहीं, ड्रोन के जरिए आसमान से भी हर घटना पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

उधर, रेलवे पुलिस ने भी अयोध्‍या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर गुरुवार को सुरक्षा तैयारियों पर अपने सभी मंडलों के लिए सात पेजों की अडवाइजरी जारी की है। सूत्रों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की अडवाइजरी में सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उन्हें ट्रेनों की सुरक्षा में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। अडवाइजरी में प्लैटफॉर्म्स, रेलवे स्टेशनों, यार्ड, पार्किंग स्थल, पुलों और सुरंगों के साथ-साथ उत्पादन इकाइयों और कार्यशालाओं में सुरक्षा जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।

अडवाइजरी में उन स्थानों की पहचान की गई है, जो किसी भी तरह की हिंसा के लिहाज से संवेदनशील हो सकते हैं या जिनका विस्फोटकों को छिपाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। मंदिर-मस्जिद भूमि विवाद में फैसला 17 नवंबर तक भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने से पहले आने की संभावना है। आरपीएफ के परामर्श में कहा गया है कि रेलवे स्टेशनों के समीप और उसके दायरे में आने वाले धार्मिक ढांचों पर करीब से नजर रखी जाए क्योंकि वहां हिंसा भड़कने की ज्यादा आशंका है। इसमें ऐसे ढांचों की देखभाल करने वाले लोगों को उन्हें बिना सुरक्षा के न छोड़ने का निर्देश भी दिया गया है।

अडवाइजरी में कहा गया है कि दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के स्टेशनों समेत 78 प्रमुख स्टेशनों की पहचान की गई है, जहां अधिक संख्या में यात्री आते हैं और यहां आरपीएफ कर्मियों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। परामर्श में पूर्व के उस आदेश को भी रद्द किया गया है, जिसमें स्टेशनों को वहां कोई ट्रेन न होने पर बिजली बचाने के लिए करीब 30 प्रतिशत रोशनी कम रखने की अनुमति दी गई थी। परामर्श में सभी मंडलों को हर वक्त 100 फीसदी रोशनी रखने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश खासतौर से अयोध्या में सुरक्षा के लिए अर्धसैन्य बलों के करीब 4,000 कर्मियों को भेजा है।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: