Jan Sandesh Online hindi news website

भारत बढ़ रहा है कर्ज के जाल में फंसने और मंदी के चरण की ओर- मूडीज

0
Share

नई दिल्ली। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने शुक्रवार को भारत का परिदृश्य स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया है, जो देश की आर्थिक वृद्धि पर बढ़ते जोखिम का संकेत है और यह इस बात को भी दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालिक आर्थिक एवं संस्थागत कमजोरियों को दूर कर पाने में विफल रही है। सरकार ने हालांकि अभी भी कहा है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

और पढ़ें
1 of 162

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स सुबह 10:45 बजे 168.17 अंक नीचे लुढक़ गया। मूडीज भारतीय रिजर्व बैंक सहित केवल वैश्विक एजेंसियों की बढ़ती सूची को शामिल करती है। आरबीआई ने भी भारत के विकास की संभावनाओं को घटा दिया है। इसके अलावा फिच रेटिंग्स और एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स अभी भी भारत का दृष्टिकोण स्थिर बिंदु पर ही आंक रही हैं।

मूडीज ने भारत की विदेशी मुद्रा और स्थानीय-मुद्रा से संबंधित दीर्घकालिक रेटिंग को भी बीएए-2 पर रखा है। बीएए-2 दूसरा सबसे कम निवेश ग्रेड स्कोर है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भारत कर्ज के जाल में फंसने और मंदी के चरण की ओर बढ़ रहा है। एजेंसी ने कहा है कि उसे इस बात की उम्मीद नहीं है कि गैर-बैंक वित्तीय संस्थानों का क्रेडिट संकट जल्दी सुलझ जाएगा, जोकि हाल के वर्षों में उपभोक्ता ऋणों के मुख्य स्रोत रहे हैं।

भारत की अर्थव्यवस्था पिछले छह सालों के निचले स्तर पर है। यह अप्रैल और जून के बीच साल-दर-साल केवल 5.0 फीसदी बढ़ी और यह 2013 के बाद से अर्थव्यवस्था की सबसे कमजोर गति है। क्योंकि वैश्विक व्यापार तनाव के बीच उपभोक्ता मांग और सरकारी खर्च धीमा हो गया है। वित्त मंत्रालय ने हालांकि इस दावे को खारिज करते हुए कहा, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

आईएमएफ ने अपने नवीनतम वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2019 में 6.1 फीसदी की दर से वृद्धि के लिए तैयार है। यह 2020 में सात फीसदी तक बढ़ेगी। मंत्रालय ने कहा, सरकार ने पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्तीय क्षेत्र में और अन्य क्षेत्रों में कई सारे सुधार किए हैं। सरकार ने वैश्विक सुस्ती के जवाब में भी आगे बढक़र नीतिगत फैसले लिए हैं। इन उपायों से भारत का परिदृश्य सकारात्मक होगा और पूंजी प्रवाह आकर्षित होगा तथा निवेश बढ़ेगा।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।
%d bloggers like this: