Jan Sandesh Online hindi news website

जताई आशा शक्तिकांत दास ने, 6 फीसदी होगी अगले साल वृद्धि दर

0

नई दिल्ली। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रिजर्व बैंक ने फरवरी की मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो रेट कटौती नहीं की हो लेकिन आगे स्थिति में सुधार के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर ने मॉनिटरिंग पॉलिसी फ्रेमवर्क में बदलाव की भी बात रखी। शक्तिकांत दास ने आगे कहा कि नीतिगत दर में कटौती का नीचे तक पहुंचने की रफ्तार आने वाले दिनों में और सुधरेगी। साथ ही अर्थव्यवस्था में ऋण उठाने की गतिविधियां भी बेहतर हुई है। हमने अगले वर्ष के लिए 6 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है, जो आर्थिक सर्वेक्षण प्रक्षेपण के अनुरूप है।

शक्‍तिकांत दास ने बताया कि मॉनिटरिंग पॉलिसी फ्रेमवर्क (MPF) पिछले तीन साल से काम कर रहा है लेकिन केंद्रीय बैंक आंतरिक तौर पर इस बात का विश्लेषण कर रहा है कि MPC फ्रेमवर्क कितना कारगर रहा है। इस बारे में जरूरत पड़ने केंद्रीय बैंक सरकार के साथ बातचीत करेगा। आपको बताते जाए कि मॉनिटरिंग पॉलिसी फ्रेमवर्क के तहत आरबीआई हर दो महीने पर देश की इकोनॉमी को लेकर चर्चा करता है, यह बैठक 3 दिनों तक चलती है और इसकी अध्‍यक्षता केंद्रीय बैंक के गवर्नर करते हैं। इसी बैठक में रेपो रेट कटौती को लेकर निर्णय लिए जाते हैं।

केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि रेपो रेट कटौती की रफ्तार में काफी सुधार हुआ है, उम्‍मीद है कि आगे कटौती की रफ्तार तेज होगी। आरबीआई गवर्नर ने ये बात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आरबीआई सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक के बाद कही।

आपको बताते जाए कि महंगाई और राजको‍षीय घाटा के अनुमान संशोधन की वजह से आरबीआई ने इस बार रेपो रेट को स्थिर रखा है। यह लगातार दूसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।

और पढ़ें
1 of 409

यहां देखें, रेपो रेट कटौती का मतलब…

केंद्रीय बैंक आरबीआई रेपो रेट के आधार पर ही बैंकों को कर्ज देता है। रेपो रेट जितना कम होता है, बैंकों के लिए उतना ही फायदेमंद होता है। रेपो रेट कटौती होने के बाद बैंकों पर ब्‍याज दर कम करने का दबाव बनता है। ब्‍याज कम होने का मतलब ये है कि आपकी ईएमआई और लोन सस्‍ता हो जाएगा, आरबीआई हर दो महीने पर होने वाली मौद्रिक नीति की बैठक में रेपो रेट की समीक्षा करता है।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.