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सेना प्रमुख बोले, BAT से निपटने में हमारे जवान सक्षम, पाकिस्तान पर पड़ा FATF के कारण दबाव

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नई दिल्ली। भारत सुरक्षा को लेकर कभी कोई समझौता नहीं करता है। वह पड़ोसी देश पाकिस्तान को उसकी करतूतों के लिए कई बार मजा चखा चुका है। पिछले कुछ समय में जम्मू कश्मीर में भी आतंकी वारदातों पर नियंत्रण देखने को मिला है। इस बीच गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि आतंकवाद में कमी के बड़े कारणों में से एक फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का दबाव शामिल है।

एफएटीएफ के ऐसे ही दबाव बनाने से पाकिस्तान को अपनी रणनीति और गतिविधियों पर मनन करने को मजबूर होना पड़ेगा। आतंकी घटनाओं में कमी आई है और हमारी सेना ने आतंकी संगठनों पर दबाव बनाया है। सीमा पार आतंकवाद में कमी के बाहरी पहलू भी हैं। पाकिस्तान को एफएटीएफ द्वारा ब्लैक लिस्ट में डालने का डर है।

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पाकिस्तान को इसलिए भी अपनी रणनीति पर विचार करना पड़ रहा है क्योंकि वह ये भी जानता है कि चीन जैसा उसकी करीबी देश भी हमेशा मदद नहीं कर सकता। चीन को भी ये पता चल गया है कि वह हमेशा पाकिस्तान का साथ नहीं दे सकता। पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में अभी भी 15-20 आतंकी कैंप मौजूद हैं और उनमें करीब 250 से 350 आतंकी मौजूद हैं।

सेना को लगातार इस बारे में इनपुट मिलते रहते हैं कि पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) उन्हें भारत में घुसपैठ कराने की कोशिश में है। उनसे निपटने के लिए हमारे पास पुख्ता इंतजाम हैं। हमारे जवानों ने बैट की कार्रवाई से पहले ही उन्हें नाकाम किया है।

उल्लेखनीय है कि बैट भारतीय सेना के जवानों का सिर काटने की घटना में शामिल रही है। इस टीम में पाकिस्तानी सेना के साथ जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी भी शामिल होते हैं। इस साल 11 जनवरी को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलीबारी के बाद बैट भारतीय सेना के एक पोर्टर का सिर काटकर ले गई थी। इस घटना के बाद सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे से जब जवाबी कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने भारतीय सेना को पेशेवर बताते हुए इस कायराना हरकत का उचित जवाब देने की बात कही थी। सेना प्रमुख ने महिलाओं के स्थाई कमीशन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया।

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