Jan Sandesh Online hindi news website

अलीगढ़ : धरना प्रदर्शन में हालात बेकाबू होने लगे, भीड़ को तितर-वितर करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया लाठीचार्ज, दागे आंसू गैस के गोले

0

अलीगढ़ । रविवार दोपहर प्रदर्शनस्थल पर करीब 8000 लोग जुट गए थे। दिल्ली गेट और ऊपरकोट थाना क्षेत्र के मुस्लिम इलाकों के सभी बाजार बंद हैं। करीब 12:30 बजे सब्जी मंडी इलाके के दुकानदारों को भी धरना प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान करते हुए बाजार बंद करा दिया गया था। शाहजमाल ईदगाह के सामने नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में जारी धरना प्रदर्शन में हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं। पुलिस ने उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया है। भीड़ को तितर-वितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए हैं।

और पढ़ें
1 of 960

वहीं, ऊपरकोट कोतवाली के सामने दो दिन से धरना प्रदर्शन पर बैठीं महिलाओं को वहां से हटा दिया गया है। यहां भी लगातार सरकार विरोधी नारेबाजी की जा रही थी। यहां हालात तब बिगड़े जब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुछ छात्राएं महिलाओं के बीच पहुंच गईं और महिलाओं को भड़का दिया। इसके बाद महिलाओं ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोली भी छोड़े।

पुलिस ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की उन छात्राओं को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने मौके पर आकर महिलाओं को भड़काया। महिलाएं फिर उग्र न हो जाएं इसको देखते हुए ऊपरकोट में भारी पुलिस फोर्स और आरएफ को तैनात किया गया है।

खैर बाईपास पर नादा पुल के पास महिलाओं और पुरुषों के एक गुट ने जाम लगा दिया है। इधर, भीम आर्मी द्वारा भारत बंद के आह्वान का भी असर मिलाजुला देखने को मिल रहा है। दिल्ली गेट और ऊपरकोट इलाके में सुबह से जारी जुलूस प्रदर्शनों में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। पूरे हालात पर नजर रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से हर एक घंटे की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: